भिंडी तोड़ने का सही समय क्या है? देर की तो खराब हो जाएगी फसल

भिंडी तोड़ने का सही समय क्या है? देर की तो खराब हो जाएगी फसल

भिंडी तोड़ने का सही समय क्या है? देर की तो खराब हो जाएगी फसल

पौधे पर फूल खिलकर गिरने के ठीक 4 से 6 दिन के भीतर भिंडी तोड़ने के लिए बिल्कुल तैयार हो जाती है. इस दौरान फल एकदम कच्चा, रसीला और बिना रेशे वाला रहता है. अगर इस तय वक्त से ज्यादा देर पौधे पर फल छूट गया, तो वह लकड़ी जैसा कड़ा होने लगता है.

मंडी में हमेशा 3 से 4 इंच लंबी, पतली और गहरे हरे रंग की भिंडी का ही सबसे टॉप रेट मिलता है. ज्यादा लंबी और मोटी भिंडी को आढ़ती तुरंत सेकंड ग्रेड में डाल देते हैं. इसलिए खेत में साइज का लालच छोड़कर हमेशा मीडियम और सॉफ्ट फलों की ही तुड़ाई करानी चाहिए.

मंडी में हमेशा 3 से 4 इंच लंबी, पतली और गहरे हरे रंग की भिंडी का ही सबसे टॉप रेट मिलता है. ज्यादा लंबी और मोटी भिंडी को आढ़ती तुरंत सेकंड ग्रेड में डाल देते हैं. इसलिए खेत में साइज का लालच छोड़कर हमेशा मीडियम और सॉफ्ट फलों की ही तुड़ाई करानी चाहिए.

खेत में फल की क्वालिटी जांचने का सबसे आसान देसी नुस्खा है भिंडी की नोक मोड़ना. अगर नोक एक झटके में 'चट' की आवाज के साथ टूट जाए तो समझें फल ए-ग्रेड है. लेकिन अगर नोक मुड़ जाए और न टूटे, तो समझ लीजिए कि उसमें कड़े रेशे बन चुके हैं.

खेत में फल की क्वालिटी जांचने का सबसे आसान देसी नुस्खा है भिंडी की नोक मोड़ना. अगर नोक एक झटके में ‘चट’ की आवाज के साथ टूट जाए तो समझें फल ए-ग्रेड है. लेकिन अगर नोक मुड़ जाए और न टूटे, तो समझ लीजिए कि उसमें कड़े रेशे बन चुके हैं.

तुड़ाई के लिए सबसे बेहतरीन टाइम सुबह ओस सूखने के तुरंत बाद या फिर शाम का होता है. तेज धूप में तुड़ाई कराने से फल की चमक चली जाती है और वह मंडी पहुंचने तक मुरझा जाता है. ठंडे मौसम में तोड़ी गई भिंडी क्रेट्स में कई घंटों तक एकदम ताजी और हरी बनी रहती है.

तुड़ाई के लिए सबसे बेहतरीन टाइम सुबह ओस सूखने के तुरंत बाद या फिर शाम का होता है. तेज धूप में तुड़ाई कराने से फल की चमक चली जाती है और वह मंडी पहुंचने तक मुरझा जाता है. ठंडे मौसम में तोड़ी गई भिंडी क्रेट्स में कई घंटों तक एकदम ताजी और हरी बनी रहती है.

भिंडी तोड़ते समय पौधों को नीचे की तरफ जोर से झटका देकर कभी न खींचे. इससे पौधे की मुख्य शाखाएं छिल जाती हैं और आने वाली नई कलियां टूट जाती हैं. लेबर को हमेशा तेज चाकू या कैंची देकर डंठल के थोड़ा ऊपर से कट लगाने को कहें ताकि पौधा सुरक्षित रहे.

भिंडी तोड़ते समय पौधों को नीचे की तरफ जोर से झटका देकर कभी न खींचे. इससे पौधे की मुख्य शाखाएं छिल जाती हैं और आने वाली नई कलियां टूट जाती हैं. लेबर को हमेशा तेज चाकू या कैंची देकर डंठल के थोड़ा ऊपर से कट लगाने को कहें ताकि पौधा सुरक्षित रहे.

मजदूरों को तुड़ाई के दौरान हाथों में सूती दस्ताने या पूरे बाजू के कपड़े जरूर पहनने चाहिए. भिंडी के रोएं से हाथों में तेज खुजली और एलर्जी होने लगती है, जिससे लेबर की काम करने की स्पीड बहुत धीमी पड़ जाती है. सही सुरक्षा से काम भी तेजी से और साफ-सुथरा निपटता है.

मजदूरों को तुड़ाई के दौरान हाथों में सूती दस्ताने या पूरे बाजू के कपड़े जरूर पहनने चाहिए. भिंडी के रोएं से हाथों में तेज खुजली और एलर्जी होने लगती है, जिससे लेबर की काम करने की स्पीड बहुत धीमी पड़ जाती है. सही सुरक्षा से काम भी तेजी से और साफ-सुथरा निपटता है.

खेत से लगातार पैदावार लेने का सबसे बड़ा गोल्डन रूल है हर 48 से 72 घंटे में तुड़ाई करना. अगर तैयार फल पौधे पर छूटेगा, तो पौधा नए फूल बनाना बंद कर देगा. जैसे ही आप पुराने फल तोड़ते हैं पौधे में नई शाखाएं फूटती हैं और उत्पादन कई गुना बढ़ जाता है.

खेत से लगातार पैदावार लेने का सबसे बड़ा गोल्डन रूल है हर 48 से 72 घंटे में तुड़ाई करना. अगर तैयार फल पौधे पर छूटेगा, तो पौधा नए फूल बनाना बंद कर देगा. जैसे ही आप पुराने फल तोड़ते हैं पौधे में नई शाखाएं फूटती हैं और उत्पादन कई गुना बढ़ जाता है.

अगर खेत में कोई भिंडी बहुत मोटी या सख्त छूट गई हो तो उसे भी तुरंत काटकर अलग कर दें. ऐसी भिंडी पौधे की सारी ताकत खींच लेती है. नियमित तुड़ाई, सही ग्रेडिंग और समय पर मंडी पहुंचाने से आपकी फसल हमेशा अव्वल रहेगी और आपको सबसे बढ़िया मुनाफा मिलेगा.

अगर खेत में कोई भिंडी बहुत मोटी या सख्त छूट गई हो तो उसे भी तुरंत काटकर अलग कर दें. ऐसी भिंडी पौधे की सारी ताकत खींच लेती है. नियमित तुड़ाई, सही ग्रेडिंग और समय पर मंडी पहुंचाने से आपकी फसल हमेशा अव्वल रहेगी और आपको सबसे बढ़िया मुनाफा मिलेगा.

Published at : 12 Aug 2026 03:49 PM (IST)

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