इंदौर में बैन के मद्देनजर खाद्य एवं औषधि विभाग ने उमापति इंडस्ट्रीज पर छापामार कार्रवाई की।
महाराष्ट्र, गुजरात और छत्तीसगढ़ के बाद अब मध्य प्रदेश में भी एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। बुधवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुजरात रवाना होने से पहले खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारियों की बैठक में इस तरह के पनीर के उत्पादन,
.
प्रतिबंध के आदेश जारी होने के बाद इंदौर में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। दिनभर में करीब 800 किलो एनालॉग पनीर और करीब 1000 किलो मावा जब्त किया। पालदा की उमापति इंडस्ट्रीज से 450 किलो लो-फैट पनीर बरामद किया गया। इसकी कीमत करीब 1.17 लाख रुपए बताई गई है।
बता दें कि एनालॉग पनीर को असली दूध से बने पनीर के विकल्प के तौर पर तैयार किया जाता है। इसमें दूध की जगह या दूध के साथ वनस्पति वसा, स्टार्च और अन्य सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है। इसकी कम कीमत के कारण बाजार में इसकी खपत तेजी से बढ़ी है।



इंदौर में फैक्ट्रियों पर छापा मारकर एनालॉग पनीर जब्त किया गया है।


रोज करीब 400 क्विंटल खपत का अनुमान
मध्य प्रदेश में एनालॉग पनीर की रोजाना आवक और बिक्री करीब 400 क्विंटल होने का अनुमान है। इस हिसाब से प्रदेश में हर महीने करीब 9 हजार से 12 हजार क्विंटल, यानी 900 से 1200 टन एनालॉग पनीर खपने की बात सामने आई है। बड़ी मात्रा में इसकी बिक्री को देखते हुए सरकार ने अब इस पर सख्ती का निर्णय लिया है।

मानवाधिकार आयोग ने भी जताई नाराजगी
एनालॉग पनीर की बिक्री को लेकर राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (NHRC) ने भी नाराजगी जताई है। आयोग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए मध्य प्रदेश समेत अन्य राज्यों को पत्र लिखने का फैसला किया है। आयोग की ओर से राज्यों से इस तरह के उत्पाद की बिक्री और लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव को लेकर जानकारी मांगे जाने की संभावना है।
आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो ने कहा कि एनालॉग पनीर घातक है। इसके लिए एफएसएसएआई को नोटिस देकर पूछ रहे हैं कि इस तरह के पनीर को बेचने की इजाजत क्यों दे रहे हैं।
कानूनगो ने कहा कि अगर सिगरेट के ऊपर लिख देते हैं कि यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है तो क्या यह हानि करना बंद कर देता है। जब तीन राज्यों की सरकार ने अच्छा निर्णय लिया है तो इस पर अन्य राज्यों को भी निर्णय लिया जाना चाहिए। सिर्फ एरोबिक स्टार्च वाला टेस्ट करने से एनालॉग पनीर पकड़ में नहीं आता है।


ये खबर भी पढ़ें…
एमपी का मिलावट किंग मोदी, पाम ऑयल से बनाया 19 करोड़ का पनीर-मक्खन

साल 2013 में 2 करोड़ रुपए की पूंजी से शुरू हुआ कारोबार 13 साल में करीब 600 करोड़ रुपए तक पहुंच गया। जांच एजेंसियों के अनुसार, इसके पीछे मिलावट-फर्जीवाड़े और धोखाधड़ी का नेटवर्क था। यह कहानी ‘जयश्री गायत्री फूड्स लिमिटेड’ के मालिक किशन मोदी की है, जो पिछले तीन महीने से जेल में हैं। पढ़ें पूरी खबर…
Source link
#Madhya #Pradesh #Yadav #Orders #Ban #Analog #Paneer

