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मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (MPCA) के अध्यक्ष और मध्य प्रदेश क्रिकेट लीग (MPL) के फाउंडर महानआर्यमन सिंधिया ने कहा है कि आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) क्रिकेट प्रशासन की कार्यप्रणाली को पूरी तरह बदल देगा। AI के उपयोग से खिलाड़ी चयन, पंजीयन, वित्तीय प्रबंधन और जिला इकाइयों के साथ समन्वय में पारदर्शिता बढ़ेगी और पक्षपात की शिकायतों पर भी अंकुश लगेगा। शुक्रवार को इंदौर में आयोजित प्रेस वार्ता में महानआर्यमन सिंधिया ने कहा कि क्रिकेट आज देश के लिए एक खेल से बढ़कर जुनून बन चुका है। ऐसे में एमपीसीए और एमपीएल तकनीक की मदद से क्रिकेट को अधिक आधुनिक, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। इस अवसर पर भारत की तेजी से उभरती एआई कंपनी इमरजेंट एआई के फाउंडर मुकुंद झा भी मौजूद रहे। डेटा आधारित होंगे फैसले महानआर्यमन सिंधिया ने बताया कि नए एआई प्लेटफॉर्म के माध्यम से खिलाड़ियों का रजिस्ट्रेशन सत्यापन और प्रदर्शन का पूरा रिकॉर्ड डिजिटल रूप से उपलब्ध रहेगा। खिलाड़ी ने कितने रन बनाए, कितने विकेट लिए और कितने मैच खेले, इसका पूरा डेटा सिस्टम में दर्ज होगा। उन्होंने कहा कि चयन प्रक्रिया को अधिक निष्पक्ष बनाने के लिए एआई पहले संभावित खिलाड़ियों की सिफारिश करेगा, जिसके आधार पर चयनकर्ता अंतिम निर्णय लेंगे। इससे चयन में पारदर्शिता बढ़ेगी और खिलाड़ियों के बीच पक्षपात को लेकर उठने वाले सवाल कम होंगे। जिलों को मिलने वाली राशि और अनुदान प्रक्रिया भी होगी ऑनलाइन सिंधिया ने कहा कि जिला और संभागीय इकाइयों को मिलने वाले अनुदान तथा वित्तीय प्रक्रियाओं को भी पूरी तरह डिजिटल किया जाएगा। एआई आधारित प्लेटफॉर्म आवेदन में होने वाली त्रुटियों की तत्काल पहचान कर संबंधित इकाई को सुधार के लिए सुझाव देगा। उन्होंने बताया कि आवेदन की स्थिति, जांच प्रक्रिया और भुगतान की समय-सीमा जैसी सभी जानकारियां संबंधित अधिकारियों और इकाइयों को मोबाइल एवं डैशबोर्ड पर उपलब्ध होंगी। इससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध बनेगी। MPCA को तकनीक के क्षेत्र में भी बनाना चाहते हैं मॉडल महानआर्यमन सिंधिया ने कहा कि एमपीसीए और एमपीएल ने हमेशा नए प्रयोग किए हैं और अब तकनीक के उपयोग में भी राष्ट्रीय स्तर पर उदाहरण बनने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि अन्य क्रिकेट संघ भी इस मॉडल को अपनाकर अपने प्रशासनिक कार्यों को अधिक प्रभावी बना सकेंगे। हिंदी में बताइए, एआई बना देगा सॉफ्टवेयर एआई कंपनी इमरजेंट एआई के फाउंडर मुकुंद झा ने कहा कि उनकी कंपनी ऐसा प्लेटफॉर्म डेवलप कर रही है, जहां बिना किसी तकनीकी ज्ञान के लोग केवल हिंदी या अंग्रेजी में अपनी जरूरत बताकर सॉफ्टवेयर तैयार कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि उपयोगकर्ता आवाज या साधारण भाषा में यह बताए कि उसे किस प्रकार का मोबाइल एप, वेबसाइट, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म या प्रबंधन प्रणाली चाहिए, तो एआई कुछ घंटों में उसका प्रारूप तैयार कर सकता है। झा के अनुसार, कंपनी का प्लेटफॉर्म वर्तमान में 190 देशों में उपयोग किया जा रहा है और लाखों लोग इसके माध्यम से विभिन्न प्रकार के डिजिटल समाधान तैयार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एआई की मदद से देश में डिजिटलीकरण की रफ्तार और तेज होगी और तकनीक आम लोगों तक आसानी से पहुंच सकेगी।
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