
इन घटनाओं के बाद करियर काउंसलर और पेरेंट्स सवाल उठा रहे हैं कि, जब बोर्ड की मूल्यांकन प्रक्रिया पर इतने गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं तो, 75 प्रतिशत का यह सख्त कटऑफ नियम कितना न्यायसंगत है? अभिभावकों का तर्क है कि, जो स्टूडेंट्स जेईई जैसी कठिन प्रवेश परीक्षा पास कर लेते हैं उन्हें, बोर्ड की गलतियों के कारण इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिशन के मौके से बाहर नहीं किया जाना चाहिए। ऐसे में इस पात्रता सीमा को 70 प्रतिशत कर देना चाहिए।
Source link
#CBSE #आसर #शट #ववद #क #बच #गरमय #IIT #एडमशन #क #मदद #अब #सटडटस #कर #रह #नयम #म #बदलव #क #मग


