केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने सुरक्षा अभियानों में महिलाओं की भागीदारी को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाते हुए एक और ऐतिहासिक मील का पत्थर हासिल किया है। 28 जुलाई को बेंगलुरु स्थित 10वीं रिजर्व बटालियन में ‘प्रथम महिला क्विक रिएक्शन टीम (क्यूआरटी) कोर्स’ का भव्य पासिंग आउट परेड के साथ सफलतापूर्वक समापन हुआ। इसी के साथ, सीआईएसएफ की 10वीं रिजर्व बटालियन (बेंगलुरु) को आधिकारिक तौर पर बल का ‘महिला क्यूआरटी प्रशिक्षण केंद्र’ घोषित कर दिया गया है। सीआईएसएफ का पहला ‘महिला क्विक रिएक्शन टीम’ बैच, सामरिक अभियान/आमने-सामने की करीबी लड़ाई में पारंगत है।
कठिन और उच्चस्तरीय प्रशिक्षण
इस पहले बैच की महिला कमांडो को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए बेहद कठोर और विशेषज्ञ प्रशिक्षण दिया गया है।
- टैक्टिकल ऑपरेशन्स एवं क्लोज-क्वार्टर बैटल: जटिल शहरी माहौल में ऑपरेशन चलाने और बंधक संकट जैसी गंभीर स्थितियों से निपटने की विशेषज्ञता।
- काउंटर-टेररिज्म (आतंकवाद विरोधी) अभ्यास: किसी भी अचानक हुए हथियारबंद खतरे को तेजी और सटीकता के साथ नाकाम करना।
- रैपिड रिस्पॉन्स एवं रिफ्लेक्स फायरिंग: आधुनिक और अत्याधुनिक हथियारों का इस्तेमाल करते हुए त्वरित कार्रवाई करना, ताकि देश के महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों को हर आपात स्थिति में सुरक्षित रखा जा सके।

महिलाओं की भूमिका का एक नया रूपांतरण
पासिंग आउट समारोह की मुख्य अतिथि सीआईएसएफ (एयरपोर्ट सेक्टर) की अपर महानिदेशक बिनीता ठाकुर ने प्रशिक्षुओं के असाधारण समर्पण और बेहतरीन प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि देश की सुरक्षा संरचना में महिलाएं अब केवल भागीदार ही नहीं, बल्कि सबसे आगे रहकर नेतृत्व कर रही हैं। नवनिर्मित कमांडो से ठाकुर ने कहा, यह केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं है, बल्कि देश की आंतरिक सुरक्षा में महिलाओं की भूमिका का एक नया रूपांतरण है। उन्होंने महिला कमांडो से यूनिफॉर्म पहनने वाली भावी पीढ़ियों के लिए एक मिसाल और प्रेरणा बनने का आह्वान किया। एडीजी ठाकुर ने बटालियन परिसर में एक समर्पित ‘क्यूआरटी’ ट्रेनिंग एरिया’ का भी उद्घाटन किया। अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस यह क्षेत्र महिला कमांडो को वास्तविक संकट जैसी परिस्थितियों में यथार्थवादी अभ्यास करने का अवसर प्रदान करेगा।

हवाई अड्डों की सुरक्षा में महिला क्यूआरटी तैनात
बल में महिलाओं को अग्रिम सुरक्षा मोर्चों और चुनौतीपूर्ण ऑपरेशंस में शामिल करने के लिए सीआईएसएफ लगातार कई अहम कदम उठा रहा है। इससे पहले, बल के क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र, बड़वाह में पहले पूर्णतः महिला कमांडो बैच का प्रशिक्षण शुरू किया गया था। इसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए, हाल ही में दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन की सीआईएसएफ यूनिट की ‘क्विक रिएक्शन टीम’ विंग में 22 महिला जवानों को शामिल किया गया है। इस कदम से देश के सबसे व्यस्त जन-परिवहन नेटवर्क में से एक, दिल्ली मेट्रो की आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता और भी सुदृढ़ हुई है। इसके अलावा, देश के विभिन्न संवेदनशील हवाई अड्डों की सुरक्षा में भी सीआईएसएफ की महिला क्यूआरटी पूरी मुस्तैदी से तैनात हैं।
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