धार भोजशाला विवाद 30 साल पुराना है। वर्ष 1995 में पहली बार दो पक्षों के बीच विवाद हुआ, इसके बाद भोजशाला देशभर चर्चा में आई। विवाद बढ़ने पर एएसआई ने 2023 में आदेश दिया कि हर शुक्रवार को भोजशाला में नमाज अदा की जाएगी और हर मंगलवार को पूजा होगी। हिंदू समाज वसंत पंचमी पर भोजशाला में सुबह से लेकर शाम तक यज्ञ करता है। जब भी वसंत पंचमी शुक्रवार यानी जुमे के दिन आई, तो धार के धैर्य की परीक्षा हुई। ऐसे मौके पर तीन-चार बार धार में हालात बिगड़े और कर्फ्यू भी लगाया गया।
कब कब क्या हुआ
- वर्ष 1995: धार में दो पक्षों के बीच विवाद हुआ। विवाद का केंद्र भोजशाला था। तब प्रशासन ने मंगलवार को पूजा और शुक्रवार को नमाज पढ़ने की अनुमति दी।
- 1997: तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने भोजशाला में पर्यटकों के प्रवेश पर रोक लगा दी और मंगलवार की पूजा पर भी प्रतिबंध लगाया। इसका काफी विरोध हुआ और दो माह बाद यह प्रतिबंध हटा लिया गया।
- 2003: मंगलवार को हिंदू परिवारों को भोजशाला में शर्तों के साथ पूजा की अनुमति दी गई। यह आदेश भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने दिया। इसके बाद धार में दो समुदायों के बीच विवाद और हिंसा हुई।
- 2013: वसंत पंचमी और शुक्रवार एक ही दिन आए। भोजशाला में फिर हालात बिगड़े। परिसर को खाली कराने के लिए प्रशासन ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया।
- 2016: वसंत पंचमी शुक्रवार को आई। इस बार चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात की गई। माहौल गरमाया, लेकिन कर्फ्यू जैसे हालात नहीं बने।
- 2023: शुक्रवार को वसंत पंचमी आई। तय संख्या में मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों को नमाज पढ़ने की अनुमति दी गई और सुबह से शाम तक हिंदू समाज ने हवन किया।
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