‘पिता सिर्फ एक रिश्ता नहीं है, वह एक भरोसा होना चाहिए, जो तुम्हें यकीन दिलाए कि अगर पूरी दुनिया भी तुम्हारे सामने खड़ी हो जाए न तो तुम लड़ लोगे!’ यह डायलॉग है शाहरुख खान की फिल्म ‘जवान’ का। फिल्म में यह संवाद नयनतारा बोलती हैं। और, सही मायने में यह फिल्म में कह देने भर की बात नहीं है, बल्कि जिंदगी की हकीकत है। पिता आकाश हैं। धूप में छांव हैं। जब टूट जाओ तो पिता हिम्मत हैं। निर्माता-निर्देशकों ने भी इस रिश्ते की खूबसूरती को पर्दे पर दिखाने की कोशिश की है। जानिए पित्रा-पुत्र के रिश्ते पर बनी कुछ फिल्में…


