Indore News: इंदौर में सैकड़ों छात्र धरने पर, नीट पेपर लीक पर फूटा गुस्सा, सोनम वांगचुक का समर्थन किया

Indore News: इंदौर में सैकड़ों छात्र धरने पर, नीट पेपर लीक पर फूटा गुस्सा, सोनम वांगचुक का समर्थन किया

राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) पेपर लीक प्रकरण को लेकर देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए व्यापक छात्र प्रदर्शन की गूंज अब मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में भी प्रमुखता से सुनाई देने लगी है। शहर के प्रसिद्ध भंवरकुआं चौराहे पर जारी अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन में न केवल स्कूल और कॉलेजों के छात्र-छात्राएं शामिल हो रहे हैं, बल्कि बड़ी संख्या में शिक्षक, अभिभावक, स्थानीय कलाकार और आम नागरिक भी अपनी एकजुटता दिखाने पहुंच रहे हैं। यह पूरा समूह अपनी मांगों को लेकर सोमवार रातभर चौराहे पर ही धरने पर डटा रहा। आंदोलनरत प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की पुरजोर मांग की और देश की संपूर्ण शिक्षा व्यवस्था में आमूलचूल सुधार लाने की बात कही। इसके साथ ही दिल्ली में अनशन पर बैठे प्रसिद्ध पर्यावरणविद सोनम वांगचुक को पुलिस द्वारा बलपूर्वक अस्पताल ले जाए जाने की घटना का तीखा विरोध जताया गया तथा पूर्व में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर गहरा आक्रोश व्यक्त किया गया।


शांतिपूर्ण रचनात्मक विरोध

भंवरकुआं चौराहे पर जारी इस आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने नीट पेपर लीक मामले के तनाव और हताशा के कारण आत्महत्या करने वाले 20 होनहार विद्यार्थियों के नामों वाला एक विशेष पोस्टर प्रदर्शित किया और मोमबत्तियां जलाकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। विरोध जताने के अनूठे अंदाज में दो छात्राओं ने आंदोलन के मुख्य प्रेरणास्त्रोत सोनम वांगचुक की एक बड़ी और आकर्षक रंगोली बनाकर अपना विरोध दर्ज कराया। इस जमीनी आंदोलन की अगुवाई कर रहे युवा नेता सक्षम असाटी और अरुण बड़ोले ने स्पष्ट किया कि यह विरोध प्रदर्शन किसी भी राजनैतिक दल से प्रेरित या संचालित नहीं है। यह विशुद्ध रूप से देश के लाखों छात्रों के उज्ज्वल भविष्य और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षा प्रणालियों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग को लेकर किया जा रहा एक संवैधानिक व लोकतांत्रिक प्रदर्शन है। इस आंदोलन को संबल देने के लिए एक सौ एक वर्षीय वरिष्ठ स्वतंत्रता संग्राम सेनानी व पूर्व सांसद पंडित रामकृष्ण शर्मा तथा वयोवृद्ध समाजवादी नेता रामबाबू अग्रवाल भी खुद धरना स्थल पहुंचे और छात्रों के हौसले की सराहना की।

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नई पीढ़ी के सुरक्षित भविष्य का संकल्प

इंदौर के इस जन आंदोलन में विद्यार्थियों के साथ-साथ कामकाजी वर्ग, बुजुर्ग और महिलाएं भी बड़ी संख्या में लगातार पहुंच रही हैं। प्रदर्शन में शामिल हुए इन नागरिकों का कहना है कि वर्तमान में देश की पूरी शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह से चरमराई हुई है। अपने अतीत के अनुभवों को साझा करते हुए कई बुजुर्गों ने कहा कि वे स्वयं अपने समय में इसी लचर व्यवस्था के कारण गुणवत्तापूर्ण और बेहतर शिक्षा प्राप्त करने से वंचित रह गए थे। वर्तमान समय में अच्छी शिक्षा अत्यधिक महंगी हो चुकी है और यह सामान्य मध्यमवर्ग के परिवारों की पहुंच से काफी दूर हो गई है। धरने में शामिल होने आए सभी लोगों की केवल यही एक सामूहिक मंशा है कि जो कठिनाइयां और अन्याय उनके साथ अतीत में हुआ, वह देश की आने वाली नई पीढ़ी को किसी भी कीमत पर न झेलना पड़े।

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