इंदौर निवासी अद्वैत उपाध्याय का दसवें दिन भी कुछ पता नहीं चला है। वह सात अगस्त को बेंगलुरु की शिवगंगे पहाड़ी से लापता हुआ है। 100 से ज्यादा लोगों की टीम ने शिवगंगे पहाड़ी पर अद्वैत को हर जगह तलाशा, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने जांच की दिशा बदल दी। अब पुलिस यह पता कर रही है कि कहीं अद्वैत ने खुद को लापता दिखाने की कोशिश तो नहीं की है। पुलिस अब लापता होने से पहले की अद्वैत की गतिविधियों, कॉल डिटेल सहित अन्य बिंदुओं की कड़ियां जोड़कर उसके लापता होने की गुत्थी को सुलझाने की कोशिश में है। कुल मिलाकर अब जांच तकनीकी साक्ष्यों पर फोकस हो गई है।
पुलिस को अब तक उसके दोस्तों व परिजनों से पूछताछ में पता चला है कि अद्वैत को साइबर सुरक्षा का गहरा ज्ञान था। उसके दोस्तों की फेहरिस्त भी लंबी थी। पुलिस ने दोस्तों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश की है कि उसका किसी से विवाद तो नहीं था। सालभर बाद वह शादी करने वाला था और इंदौर में बसने वाला था। इसे लेकर उसका कोई नजदीकी दोस्त नाराज तो नहीं था, पुलिस यह पता लगाने में जुटी है।
आठ दिन बाद जांच अभियान रोका
पुलिस ने पहाड़ी के चप्पे-चप्पे को छान लिया। पहाड़ों पर चढ़ने वाले एक जानकार ने पहाड़ी की खड़ी चट्टानों और दुर्गम हिस्सों में भी अद्वैत को तलाशा। जांच अधिकारियों का मानना है कि यदि अद्वैत पहाड़ पर होता तो अभी तक मिल जाता। पुलिस ने पहाड़ी तक आने वाले मार्गों के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले हैं।
अब तक पुलिस आत्महत्या के एंगल पर काम कर रही थी, क्योंकि उसके लैपटॉप में चैटजीपीटी की सर्च हिस्ट्री में उसने पहाड़ी की ऊंचाई और वहां से गिरने के बारे में सर्च किया था। पुलिस को पहाड़ी से अद्वैत का स्वेटर, मोबाइल फोन और ड्रोन कैमरा भी मिला है। पुलिस यह भी पता कर रही है कि अद्वैत के पास एक ही सिम थी या वह दूसरे किसी फोन नंबर का इस्तेमाल भी करता था।
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