
सबसे ज्यादा असर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से सांस की बीमारी से जूझ रहे मरीजों पर देखने को मिल रहा है। डॉ. आशुतोष श्रीवास्तव के अनुसार बरसात के मौसम में वातावरण में नमी बढऩे से धूल, फंगस और एलर्जी पैदा करने वाले कण अधिक सक्रिय हो जाते हैं। इनके संपर्क में आने से सांस की नलियों में सूजन आ जाती है, जिससे मरीजों को सांस लेने में तकलीफ, सीने में जकडऩ और बार-बार खांसी की शिकायत होने लगती है। वहीं मौसम बदलने के कारण वायरल संक्रमण भी तेजी से फैल रहा है। इसके चलते सर्दीजु काम, गले में खराश, बुखार और लगातार खांसी के मरीज रोजाना अस्पताल पहुंच रहे हैं।
Source link
#Indore #news #बरश #क #मसम #म #बढ #असथम #क #मरज #इगनर #न #कर #य #लकषण #Rise #Asthma #Patients #Hospitals #Rainy #Season


