जैन संत मुनिश्री सुधासागर महाराज का मंगल प्रवेश रविवार को इंदौर में हो चुका है। दलालबाग में चार माह का चातुर्मास प्रवास रहेगा। इसके लिए दलालबाग में मंगल कलश की स्थापना की गई, जिसकी बोली की कुल राशि 53 करोड़ रुपये तक पहुंची।
पहला कलश रखने के लिए एक परिवार ने 16 करोड़ रुपये की बोली लगाई। उतनी ही राशि की बोली एक अन्य कॉलोनाइजर ने भी लगाई। दोनों को मुनिश्री ने आशीर्वाद दिया। बाद में अलग-अलग कलश के लिए बोलियां लगीं।
श्रावक संस्कार श्रेणी कलश की बोली साढ़े पांच करोड़ रुपये से अधिक की लगी। ये बोलियां गुरुवार को लगाई गईं। बोली लगाने के समय कुल राशि का 25 प्रतिशत जमा कराया जाता है और शेष राशि चार माह में 25-25 प्रतिशत की तीन किश्तों में जमा कराई जाती है। जिन दो परिवारों ने पहले कलश के लिए 16 करोड़ रुपये की बोली लगाई है, वे जैन समाज के आयोजनों में सक्रिय भूमिका निभाते हैं। मंगल कलश के लिए इतनी बड़ी राशि की बोली शहर में गुरुवार को चर्चा का विषय रही। कुल बोलियों की राशि 55 करोड़ रुपये तक पहुंची है।
चातुर्मास जैन धर्म का विशेष आध्यात्मिक पर्व माना जाता है। जहां भी जैन समाज के बड़े संत का चातुर्मास होता है, वहां श्रद्धालु धार्मिक अनुष्ठानों और सेवा कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं। आसपास के शहरों से भी समाजजन आते हैं। मुनिश्री सुधासागर महाराज के इंदौर में आयोजित चातुर्मास को लेकर भी समाजजनों में खासा उत्साह है। उनके मंगल प्रवेश पर भी हजारों की संख्या में समाजजन जुटे थे।
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