ITBP DG Statement on China Arunachal Border Tension

ITBP DG Statement on China Arunachal Border Tension

3 मिनट पहले

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ITBP DG Statement on China Arunachal Border Tension

शत्रुजीत ने गुरुवार को राजस्थान के अलवर के सेंट्रल ट्रेनिंग कॉलेज में हिमवीर सम्मान समारोह हिस्सा लिया था।

ITBP के DG शत्रुजीत कपूर ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में अरुणाचल प्रदेश में चीन और भारत के सैनिक आमने-सामने आ गए थे। कई जगह टकराव की स्थिति भी बनी। यह अभी भी जारी है।

जुलाई के अंत से ऊपरी सुबनसिरी जिले के असाफिला और माजा इलाके में तनाव बना हुआ है। भारत ने भी सीमा पर अपनी तैनाती बढ़ा दी है।

शत्रुजीत ने गुरुवार को राजस्थान के अलवर के सेंट्रल ट्रेनिंग कॉलेज में हिमवीर सम्मान समारोह में यह बयान दिया।

शत्रुजीत ने कहा- 3 बैठकों के बाद भी तनाव जारी

शत्रुजीत ने कहा कि भारत में हुए 18वें ब्रिक्स सम्मेलन में शी जिनपिंग के भाग लेने और जुलाई के बाद दोनों देशों के बीच तीन उच्चस्तरीय बैठकों (WMCC, विशेष प्रतिनिधि वार्ता, कोर कमांडर स्तर) के बावजूद तनाव बरकरार रहा।

उन्होंने कहा कि ड्रोन ने पारंपरिक युद्ध का तरीका काफी बदल दिया है। ITBP ड्रोन बनाने और एंटी-ड्रोन क्षमता मजबूत करने पर काम कर रही है।

उन्होंने यह भी बताया कि ITBP LAC के पास अपने संसाधनों की सुरक्षा के लिए भूमिगत शेल्टर बना रहा है।

कांग्रेस ने चुप रहने का आरोप लगाया

कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने सरकार पर इन टकरावों पर चुप रहने का आरोप लगाया। रमेश ने X पर लिखा, “19 जून 2020 को प्रधानमंत्री की चीन को दी गई बदनाम क्लीन चिट की कीमत भारत चुका रहा है।”

उन्होंने आगे कहा, “जब खुद को विश्वगुरु कहने वाले प्रधानमंत्री की चीन को लेकर सोची-समझी रियायतें जारी हैं, तब ITBP DG ने अरुणाचल प्रदेश में PLA के साथ हालिया फेसऑफ में बल के प्रदर्शन की सराहना की है।”

गलवान में 15 जून 2020 को झड़प में 20 भारतीय सैनिक शहीद हुए थे

तस्वीर लद्दाख की गलवान घाटी में 15 जून 2020 को भारत-चीन के सैनिकों के बीच हुई खूनी झड़प की है। इसी के बाद दोनों देशों के बीच विवाद गहराया।

तस्वीर लद्दाख की गलवान घाटी में 15 जून 2020 को भारत-चीन के सैनिकों के बीच हुई खूनी झड़प की है। इसी के बाद दोनों देशों के बीच विवाद गहराया।

15 जून 2020 को चीन ने ईस्टर्न लद्दाख के सीमावर्ती इलाकों में एक्सरसाइज के बहाने सैनिकों को जमा किया था। इसके बाद कई जगहों पर घुसपैठ की घटनाएं हुई थीं।

भारत सरकार ने भी इस इलाके में चीन के बराबर संख्या में सैनिक तैनात कर दिए थे। हालात इतने खराब हो गए कि LAC पर गोलियां चलीं।

इसी दौरान 15 जून को गलवान घाटी में चीनी सेना के साथ हुई झड़प में 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे। बाद में भारत ने भी इसका मुंहतोड़ जवाब दिया था। इसमें करीब 60 चीनी जवान मारे गए थे।

चीन नए नाम जारी करता रहता है

भारत और चीन के बीच अरुणाचल प्रदेश को लेकर लंबे समय से सीमा विवाद है। चीन अरुणाचल प्रदेश के बड़े हिस्से पर अपना दावा करता है और इसे ‘जांगनान’ यानी दक्षिणी तिब्बत कहता है।

इसी दावे के तहत चीन 2017 से कई बार अरुणाचल प्रदेश की जगहों के चीनी नाम जारी कर चुका है। 2023 में चीन ने 11 और 2024 में करीब 30 जगहों के नाम जारी किए थे। भारत हर बार इसका विरोध करता रहा है।

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