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कोलकाता50 मिनट पहले
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STF ने संदिग्ध आतंकी मंडल को बर्धमान जिले से गिरफ्तार किया।
पश्चिम बंगाल STF ने दावा किया है कि बर्धमान जिले से गिरफ्तार जैश-ए-मोहम्मद ऑपरेटिव हमीम मंडल ने दिल्ली के जंतर-मंतर प्रोटेस्ट में तोड़-फोड़ की साजिश भी रची थी। हमीम, कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में पुलिस की वर्दी पहनकर घुसपैठ करने वाला था।
STF के आईजी गौरव शर्मा ने बताया कि जांच में यह भी पता चला है कि बंगाल CM शुभेंदु समेत कई नेता और पुलिस अधिकारी उसके निशाने पर थे।
रिपोर्ट्स के मुताबिक हमीम पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में था। उनके कहने पर ही नेताओं की गतिविधियों पर नजर रखने और जानकारी जुटा रहा था।
जांच में उसके मोबाइल फोन और सोशल मीडिया चैट से वाट्सएप, टेलीग्राम और इंस्टाग्राम के जरिए पाकिस्तान कॉन्टेक्ट्स के सबूत मिलने का दावा किया गया है।
STF ने शुक्रवार रात अर्पिता सरकार नाम की महिला को भी गिरफ्तार किया, जो मंडल की सहयोगी और गर्लफ्रेंड बताई जा रही है।

झारखंड से पुलिस अर्पिता को लेकर कोलकाता आई। बर्धमान कोर्ट ने उसे 13 दिन की कस्टडी में भेज दिया है।
बंगाल राज्य मंत्री के बेटे को हनी ट्रैप में फंसा रही थी अर्पिता
STF ने दावा किया कि हमीम और उसकी गर्लफ्रैंड दोनों मिलकर पश्चिम बंगाल के एक राज्य मंत्री के बेटे को हनी-ट्रैप में फंसाने की साजिश रची थी। इन दोनों ने मंत्री के बेटे को किडनैप करने और परिवार से पैसे ऐंठने का प्लान बनाया था।
STF के एक सीनियर अधिकारी ने कहा कि “जांच में पता चला है कि यह साजिश पाकिस्तान के हैंडलर्स ने रचाई थी। हम हर आरोपी की भूमिका, इसमें और कितने लोग शामिल थे, इसकी जांच कर रहे हैं।”
बंगाल STF के दावे…
- अर्पिता और हमीम ने पाकिस्तानी हैंडलर्स के कहने पर सेंसिटिव जानकारी निकालने के लिए असरदार लोगों के साथ पर्सनल रिश्ते बनाने की योजना बनाई थी।
- दोनों पिछले चार साल से कॉन्टैक्ट में थे, पहले इंस्टाग्राम पर जान-पहचान हुई और बाद में पर्सनली मिले।
- हमीम एन्क्रिप्टेड चैट और विदेशी सिम कार्ड का इस्तेमाल करके पाकिस्तान हैंडलर्स से बात करता था, इनके कोडनेम राणा, अबीर, हबीब और 333 थे।
- आरोपियों से यूनाइटेड किंगडम और मेक्सिको में जारी इंटरनेशनल सिम कार्ड भी बरामद किए गए हैं।
बंगाल CM की गतिविधियों पर नजर रख रहा था
STF के मुताबिक 23 साल का हमीम हावड़ा में काम करता था। बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले वह बर्धमान चला गया था, जहां उसने अपार्टमेंट किराए पर लिया। जांच एजेंसियों की नजर से बचने के लिए वह पिछले दो-तीन महीनों से छिपा हुआ था।
हमीम एक साल पहले सोशल मीडिया के जरिए आतंकवादी संगठन के उस मॉड्यूल से जुड़ा, जिसे गैंगस्टर शहजाद भट्टी और उसके सहयोगी अजमल गुज्जर चलाते थे।
हमीम को पाकिस्तानी हैंडलर्स ने CM की गतिविधियों पर नजर रखने का काम सौंपा था। उसे उन जगहों के बारे में जानकारी इकट्ठा करने के लिए कहा गया था जहां मुख्यमंत्री बिना सुरक्षा के रह सकते हैं।
राज्यमंत्री की शिकायत के बाद जुड़े टेरर मॉड्यूल के तार
STF ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान अधिकारियों ने बताया कि मॉड्यूल की जांच तब शुरू हुई जब सरकार के मंत्री से पैसे ऐंठने और हनी-ट्रैप का इस्तेमाल करके उनके बेटे को किडनैप करने की साजिश के बारे में इनपुट मिले।
अधिकारी के मुताबिक जांच में सामने आया कि इसके पीछे एक ऑर्गनाइजेशन का हाथ है। इससे साहिबगंज के एक सोशल मीडिया हैंडल का पता चला, जिसे अर्पिता सरकार नाम की एक लड़की ऑपरेट कर रही थी। सोशल मीडिया अकाउंट की जांच से ऑफिसर्स को मंडल का पता चला।
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