नई दिल्ली17 मिनट पहले
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विक्रम के परिजन उन्हें बेहोशी की हालत में हॉस्पिटल ले गए थे।
मणिपुरी संगीतकार चोंगथम विक्रम सिंह की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कहा गया है कि उनकी मौत बहुत ज्यादा खून बहने से हुई थी। एम्स दिल्ली की ऑटोप्सी रिपोर्ट में इसकी वजह सीने और पेट पर गंभीर चोट बताई गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, सिंह के सीने और पेट की करीब 15 पसलियां टूट गई थीं। उनके शरीर पर सिर, चेहरे, हाथ, छाती, पेट, पीठ और पैरों पर भी चोटें मिलीं।
54 साल के विक्रम सिंह की नई दिल्ली में हमले के बाद इलाज के दौरान मौत हुई। पुलिस ने मामले में नाबालिग समेत 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस की FIR के मुताबिक, 7 सितंबर को सिंह ने दक्षिण दिल्ली के आश्रम इलाके में घर के बाहर शोर कर रहे लोगों को रोकने गए थे, इसके बाद आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की।
ऑटोप्सी रिपोर्ट में इन चोटों का जिक्र
- AIIMS दिल्ली के फोरेंसिक मेडिसिन प्रमुख डॉ. सुधीर गुप्ता के मुताबिक, सिंह की मौत पेट और छाती पर किसी भारी चीज से हमला किया गया।
- रिपोर्ट के अनुसार, बाईं तरफ पहली से 11वीं पसली तक कई फ्रैक्चर थे। दाईं तरफ छठी से नौवीं पसली तक फ्रैक्चर मिला।
- इन चोटों के आसपास खून जमा हुआ था। शरीर पर कई खरोंच, नीले निशान और अंदरूनी चोटें भी मिलीं।
- रासायनिक और टॉक्सिकोलॉजिकल जांच के लिए मृतक के आंतरिक अंगों के नमूने यानी विसरा सुरक्षित रखे गए हैं।
आरोपियों ने तीन मंजिल तक पीछा किया

संगीतकार के घर से निकलते लोग। आरोप है कि इन्हीं लोगों ने सिंह पर हमला किया था, जिससे बाद में उनकी मौत हुई।

दिल्ली पुलिस ने विक्रम को पीट-पीटकर अधमरा करने वाले 8 आरोपियों को 8 सितंबर को हिरासत में लिया।
FIR के मुताबिक, 7 सितंबर को आरोपी इमारत में घुसे। उन्होंने सिंह का तीन मंजिल तक पीछा किया और लात-घूंसों से हमला किया। सिंह की पत्नी ने बाद में आरोपियों की पहचान उन लोगों के रूप में की, जिन्होंने पहले भी उनके पति को धमकी दी थी।
पुलिस ने CCTV फुटेज भी हासिल की है। इसमें आरोपियों को इमारत से बाहर जाते हुए दिखाया गया है। हमले के बाद सिंह को होली फैमिली अस्पताल ले जाया गया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

भास्कर नॉलेज- पसलियां टूटकर अंदरूनी अंगों को नुकसान पहुंचाती हैं, यही मौत का कारण
पसलियां टूटने से मौत हो सकती है, लेकिन आमतौर पर मौत सिर्फ पसली टूटने से नहीं होती। खतरा तब होता है जब टूटी हुई पसलियां फेफड़े, हृदय या अंदर के किसी अंग को नुकसान पहुंचाएं या बहुत ज्यादा अंदरूनी रक्तस्राव हो। विक्रम सिंह की पोस्टमार्टम में जो बात सामने आई है, उसमें यही सबसे बड़ा फर्क है…
यानी, उनकी कई पसलियां टूटी थीं। टूटने के आसपास खून जमा होने के निशान मिले। छाती और पेट पर गंभीर चोटें थीं। इन चोटों के कारण बहुत ज्यादा अंदरूनी रक्तस्राव हुआ। यही भारी रक्तस्राव उनकी मौत का कारण बना।
इसे ऐसे समझिए, पसली को आप शरीर की सुरक्षा करने वाली हड्डी है। यह फेफड़े और दूसरे अंगों को बचाती है। अगर जोरदार चोट से कई पसलियां टूट जाएं, तो उनके टूटे हुए हिस्से अंदर के अंगों और रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
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राहुल गांधी बोले- पहचान के आधार पर हमला भी त्रासदी: मणिपुरी संगीतकार को श्रद्धांजलि दी

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को मणिपुर के दिवंगत संगीतकार चोंगथम विक्रम सिंह के श्रद्धांजलि कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा, ‘विक्रम को सिर्फ इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि वे मणिपुर से आते थे। एक युवा की हत्या अपने आप में बड़ी त्रासदी है। इसके साथ ही किसी व्यक्ति पर उसकी पहचान और वह किस जगह से आया है, इस आधार पर हमला होना भी चिंता की बात है।’ पढ़ें पूरी खबर…
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