Mizoram Drug Gateway | Myanmar Border Drug Seizure & Arrests Update

Mizoram Drug Gateway | Myanmar Border Drug Seizure & Arrests Update

14 मिनट पहले

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Mizoram Drug Gateway | Myanmar Border Drug Seizure & Arrests Update

असम राइफल्स ने 2 अक्टूबर को मिजोरम के जोते में 2.5 किलो हेरोइन जब्त की, जिसकी कीमत करीब 5.07 करोड़ थी। दो नागरिकों को गिरफ्तार किया गया।

मिजोरम म्यांमार से आने वाली ड्रग्स का गेटवे बनता जा रहा है। 510 किमी लंबी खुली सीमा का फायदा उठाकर तस्कर जंगलों और सीमावर्ती गांवों से हेरोइन और मेथामफेटामाइन भारत ला रहे हैं। बीते 8 माह में 846 करोड़ रुपए से ज्यादा की ड्रग्स जब्त हुई और 930 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनमें 111 विदेशी भी शामिल हैं।

ईडी की ताजा कार्रवाई में म्यांमार के सरगना थिंगचुंगआंग उर्फ चिंतुआंग से जुड़े 22 बैंक खातों से 4.8 करोड़ रुपए कुर्क किए गए। जांच में सामने आया कि नेटवर्क ड्रग्स की खरीद, सीमा पार परिवहन, स्टोरेज, देश के भीतर सप्लाई और हवाला के जरिए भुगतान तक नियंत्रित कर रहा था।

मिजोरम में पिछले कुछ महीनों में जब्त की गई ड्रग्स की तस्वीरें…

12 सितंबर: मिजोरम के सेलिंग में 5.59 करोड़ की 6.9 किलो मेथामफेटामाइन टैबलेट बरामद हुई। कार्रवाई में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया।

12 सितंबर: मिजोरम के सेलिंग में 5.59 करोड़ की 6.9 किलो मेथामफेटामाइन टैबलेट बरामद हुई। कार्रवाई में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया।

8 अगस्त: मिजोरम के सेलिंग के पास एक एंबुलेंस से 15 किलो मेथामफेटामाइन टैबलेट बरामद हुईं, जिसकी कीमत करीब 45 करोड़ थी। तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया।

8 अगस्त: मिजोरम के सेलिंग के पास एक एंबुलेंस से 15 किलो मेथामफेटामाइन टैबलेट बरामद हुईं, जिसकी कीमत करीब 45 करोड़ थी। तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया।

दोतरफा चेन: भारत से जाता था कच्चा माल, ड्रग्स म्यांमार से

तस्करी नेटवर्क सिर्फ म्यांमार से भारत में ड्रग्स भेजने तक सीमित नहीं था। भारत, खासकर गुजरात से स्यूडोएफेड्रिन टैबलेट और कैफीन एन्हाइड्रस जैसे केमिकल मिजोरम के रास्ते म्यांमार पहुंचाए जाते थे। इनका इस्तेमाल वहां की अवैध लैब में ड्रग्स बनाने में होता था।

इसके बाद तैयार ड्रग्स फिर मिजोरम के रास्ते भारत में लाई जाती थीं। ईडी की पिछली जांच में प्रिकर्सर केमिकल की करोड़ों की सप्लाई और हवाला लेन-देन के लिंक भी सामने आए हैं।

हवाला, म्यूल खाते और फ्रंट कंपनियों से चलता था कारोबार

ड्रग्स की कमाई छिपाने और एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने के लिए नेटवर्क ने कई स्तर बनाए थे। अलग-अलग लोगों और फ्रंट कंपनियों के नाम पर दर्जनों बैंक खाते खोले गए। इनमें रकम तेजी से दूसरे खातों में ट्रांसफर की जाती थी।

कई म्यूल खातों का इस्तेमाल सिर्फ पैसा घुमाने के लिए होता था। हवाला नेटवर्क के जरिए भी भुगतान किया जाता था, ताकि रकम का असली स्रोत पकड़ना मुश्किल हो।

जांच में कुछ ऑपरेटरों के खातों में 50 करोड़ रुपए से ज्यादा का लेन-देन मिला। चिंतुआंग ने कई भारतीय बैंक खातों की जानकारी दी, जिसके आधार पर ईडी ने मनी ट्रेल का पता लगाया।

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