Mohan Bhagwat Statement on Live-in Relationship & Marriage

Mohan Bhagwat Statement on Live-in Relationship & Marriage

11 मिनट पहले

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Mohan Bhagwat Statement on Live-in Relationship & Marriage

हैदराबाद में विश्व मांगल्य सभा द्वारा आयोजित ‘समकालीन मातृत्व’ कार्यक्रम में मोहन भागवत।

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को कहा कि शादी एक ऐसा अनुशासन है, जो धर्म सिखाता है। शादी एक अनुशासन है, जो धर्म को स्थापित करता है। इसका विकल्प लिव-इन रिलेशनशिप है, जिसे आधुनिकता कहा जाता है।

उन्होंने सवाल किया कि इसके परिणाम क्या हैं? लोग जिम्मेदारी नहीं चाहते, सिर्फ खुशी चाहते हैं। जब तक मन करे साथ रहो और जब मन न करे तो अलग हो जाओ। इसमें कोई जिम्मेदारी नहीं होती। इसके साथ क्या बढ़ेगा और दुनिया में क्या बढ़ रहा है, इसे चारों तरफ देखा जा सकता है।

भागवत ने ये बातें हैदराबाद में विश्व मांगल्य सभा द्वारा आयोजित ‘समकालीन मातृत्व’ विषय पर एक कार्यक्रम में कहीं।

LGBTQ भी हमारे समाज का ही हिस्सा हैं

आरएसएस प्रमुख ने कहा कि एलजीबीटीक्यू समुदाय पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि वे हमारे समाज का ही हिस्सा हैं और उन्हें हीन भावना से नहीं देखा जाना चाहिए।

भागवत ने कहा कि ऐसे लोग भी हमारे समाज में मौजूद हैं। इनमें से कुछ जन्मजात होती हैं, जिन्हें प्रकृति तय करती है। ऐसे मामलों में न तो संबंधित व्यक्ति और न ही कोई दूसरा कुछ कर सकता है, क्योंकि वे जन्म से ही ऐसे होते हैं।

वहीं, कुछ बाद में मानसिकता या शारीरिक झुकाव के कारण सामने आती हैं. उन्होंने कहा कि जब पूरी दुनिया में ऐसे लोग मौजूद हैं तो यह नहीं कहा जा सकता कि भारत में ऐसा कभी नहीं रहा।हमारे समाज में भी ऐसे लोग पहले से मौजूद रहे हैं और हमारी परंपरा ने उनके अस्तित्व को स्वीकार किया है।

परिवार में संवाद और मोबाइल अनुशासन पर जोर

भागवत ने माता-पिता को मोबाइल फोन के इस्तेमाल में अनुशासन बरतने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी के बच्चों के सवालों के जवाब देने और परिवार से जुड़े मुद्दों को सुलझाने के लिए सदस्यों के बीच आपसी बातचीत बहुत जरूरी है।

माता-पिता से बच्चों को डांटने के बजाय उन्हें समझें और प्यार से बातचीत करें। बच्चों में अच्छे संस्कार विकसित करने के लिए उनके साथ समझदारी से पेश आना जरूरी है।

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