छिंदवाड़ा की राजनीति में सोमवार को उस समय नया मोड़ आ गया, जब छिंदवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के दूरस्थ ग्राम जैतपुर में विधायक एवं प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को लेकर लगाए गए पोस्टर चर्चा का विषय बन गए।
गांव में कई स्थानों पर लगाए गए पोस्टरों में कमलनाथ को लापता विधायक बताते हुए उनके क्षेत्र में नहीं आने और जनता की समस्याओं से दूरी बनाने के आरोप लगाए गए हैं। पोस्टर सामने आने के बाद राजनीतिक माहौल गर्मा गया है और भाजपा-कांग्रेस के बीच एक बार फिर जुबानी जंग शुरू होने के आसार बन गए हैं।
जानकारी के अनुसार पोस्टरों में क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया है। स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं का आरोप है कि छिंदवाड़ा विधानसभा क्षेत्र इन दिनों कई समस्याओं से जूझ रहा है, लेकिन विधायक कमलनाथ जनता के बीच दिखाई नहीं दे रहे हैं। खासकर पेयजल संकट, ग्रामीण क्षेत्रों में अधूरी व्यवस्थाएं और बारिश की कमी के कारण बढ़ती परेशानियों को लेकर भाजपा ने कमलनाथ को निशाने पर लिया है।
पानी के संकट को बनाया मुद्दा
भाजपा नेताओं का कहना है कि जिले के कई हिस्सों में जलसंकट गहराने लगा है। बारिश का इंतजार कर रहे ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की समस्या बढ़ती जा रही है। कई गांवों में लोग पानी के लिए परेशान हैं, लेकिन क्षेत्र के विधायक होने के बावजूद कमलनाथ इस मुद्दे पर सक्रिय नजर नहीं आ रहे हैं। भाजपा का दावा है कि जनता की आवाज उठाने और क्षेत्रीय समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित करने के लिए यह पोस्टर लगाए गए हैं।
कांग्रेस के गढ़ में भाजपा का राजनीतिक संदेश
छिंदवाड़ा लंबे समय से कमलनाथ और कांग्रेस का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है। ऐसे में उनके ही विधानसभा क्षेत्र में लापता विधायक के पोस्टर लगना राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यह केवल पोस्टर नहीं बल्कि भाजपा का एक राजनीतिक संदेश है, जिसके जरिए वह यह दिखाने की कोशिश कर रही है कि अब कांग्रेस का प्रभाव कमजोर पड़ रही है और जनता जवाब मांग रही है।
ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बने पोस्टर
जैतपुर और आसपास के क्षेत्रों में पोस्टर चर्चा का विषय बने हुए हैं। ग्रामीणों के बीच भी इसे लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का हिस्सा बता रहे हैं, जबकि कुछ का कहना है कि जनप्रतिनिधियों को समय-समय पर जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं को सुनना चाहिए।
लोकसभा चुनाव के बाद बढ़ी राजनीतिक सक्रियता
लोकसभा चुनाव के बाद छिंदवाड़ा की राजनीति में लगातार बदलाव देखने को मिल रहे हैं। भाजपा जिले में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए लगातार सक्रिय दिखाई दे रही है। वहीं, कांग्रेस अपने परंपरागत वोट बैंक को बचाए रखने की कोशिश में जुटी है। ऐसे में पोस्टर वार को आगामी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
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आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार
पोस्टर लगाए जाने के बाद भाजपा नेताओं ने इसे जनता की भावना बताया है, जबकि कांग्रेस की ओर से इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है।
फिलहाल जैतपुर में लगे इन पोस्टरों ने जिले की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। भाजपा ने जहां इसे जनता की आवाज बताया है, वहीं कांग्रेस समर्थक इसे सस्ती राजनीति और प्रचार हासिल करने की कोशिश करार दे रहे हैं। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि इस पूरे मामले पर कमलनाथ या कांग्रेस संगठन की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है।

पोस्टर हाथ में लिए हुए ग्रामीण एक समूह चित्र में।
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