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नई दिल्ली4 घंटे पहले
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अमेरिकी नागरिक मैथ्यू आरोन वैनडाइक गुरुवार रात को तिहाड़ जेल से रिहा हुआ।
नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) कोर्ट ने जेल में बंद 6 यूक्रेनी और एक अमेरिकी नागरिक को अपने देश जाने की इजाजत दी है। इन्हें NIA ने मार्च 2026 में म्यांमार के ट्रेनिंग कैंप में उग्रवादियों को हथियार-ड्रोन की ट्रेनिंग देने के आरोप में गिरफ्तार किया था।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये सभी भारत से मलेशिया भागने वाले थे। इससे पहले कोलकाता, लखनऊ और दिल्ली से गिरफ्तार किया गया था। कोर्ट ने कहा कि विदेशी नागरिकों को परिवार से मिलने देना संवैधानिक अधिकार है। इन्हें जमानती बॉन्ड भरना होगा और एक महीने बाद भारत लौटकर कोर्ट को जानकारी देनी होगी।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि अमेरिकी दबाव के कारण अमेरिकी नागरिक वैनडाइक को राहत मिली और सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता किया। कांग्रेस ने पूछा कि इन नागरिकों को भारत का वीजा कैसे मिला और वे भारत के रास्ते म्यांमार कैसे पहुंचे।

वैनडाइक है मास्टरमाइंड, लीबिया में विद्रोही लड़ाकों का मददगार
मैथ्यू एरॉन वैनडाइक अमेरिका के मैरीलैंड के बाल्टीमोर का रहने वाला है। वह एक भाड़े का सिपाही, डॉक्यूमेंट्री फिल्ममेकर, सुरक्षा विश्लेषक और ‘सन्स ऑफ लिबर्टी इंटरनेशनल (SOLI)’ नाम की संस्था के संस्थापक है। मैथ्यू ने वॉर कॉरस्पोंडेंट और बिजनेसमैन के तौर पर भी काम किया है।
वह पहली बार 2011 में लीबिया के गृह युद्ध के दौरान चर्चा में आया, जब वहां मुअम्मर गद्दाफी के शासन के खिलाफ विद्रोही बलों में शामिल हुआ। इसके बाद उसने इराक में ISIS के खिलाफ लड़ाई लड़ी, सीरिया में बगावत में मदद की और 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान यूक्रेन में लोगों को ट्रेनिंग दी।
एजेंसी का आरोप है कि वैनडाइक म्यांमार से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियों में शामिल था, जो भारत की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती थीं।

मैथ्यू एरॉन वैनडाइक 2011 में लीबिया के गृह युद्ध के दौरान चर्चा में आया।
टूरिस्ट वीजा पर भारत आए थे, रूसी इनपुट पर पकड़ाए
NIA ने सातों विदेशी नागरिकों अमेरिका के मैथ्यू एरॉन वैनडाइक समेत यूक्रेन के हुर्बा पेट्रो, स्लिवियाक तारास, इवान सुखमानोव्स्की, स्टेफानकिव मारियन, होंचारुक मैक्सिम उर्फ मैक्सिम और कामिन्स्की विक्टर को मार्च 2026 में रूसी इनपुट के आधार पर गिरफ्तार किया था।
आरोपी कई बार ट्रेनिंग देने आ चुके हैं। ये लोग टूरिस्ट वीजा पर भारत आए। वे इस बार गुवाहाटी पहुंचे और फिर मिजोरम से अवैध रूप से म्यांमार में घुसे। जांच एजेंसी का आरोप है कि ये लोग म्यांमार के जातीय सशस्त्र समूहों को हथियार और ड्रोन ऑपरेशन की ट्रेनिंग देने से जुड़े थे।

NIA ने अमेरिकी नागरिक मैथ्यू को कोलकाता से जबकि 3 यूक्रेनी नागरिकों को लखनऊ और 3 को दिल्ली से पकड़ा था।
NIA ने कहा- जांच जारी रहेगी
NIA ने कोर्ट को बताया कि मामले की जांच जारी है और आरोपियों से जरूरी अंडरटेकिंग ली जा सकती है। फिलहाल जांच में आरोपियों की तत्काल मौजूदगी जरूरी नहीं है।
NIA ने UAPA की धारा 18 (आतंकी गतिविधि की साजिश/प्रयास आदि से संबंधित) और BNS की कुछ धाराएं लगाई थीं। चार्जशीट के अनुसार, UAPA के तहत जांच पूरी हो चुकी है, लेकिन ड्रोन, बड़ी संख्या में डिजिटल डिवाइस और अन्य सामग्री की जांच अभी जारी थी।
NIA ने कहा कि फिलहाल UAPA के आरोप चार्जशीट में नहीं हैं। UAPA से जुड़े तथ्यों की जांच के लिए और समय चाहिए।
अमेरिकी नागरिक पर इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट के तहत लगे अपराधों को हटाने की अर्जी भी मंजूर की गई है।
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