शहर में जहां-तहां बज रहे लाउड स्पीकरों की वजह से हो रहे ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए आदेश देने की गुहार लगाते हुए हाई कोर्ट में प्रस्तुत जनहित याच…और पढ़ें

HighLights
- ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए दायर याचिका पर सुनवाई टली
- एमपी हाईकोर्ट में 22 सितंबर को होगी मामले में अंतिम बहस
- रात 10 बजे के बाद डीजे और तेज आवाज पर रोक लगाने की मांग
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। शहर में जहां-तहां बज रहे लाउड स्पीकरों की वजह से हो रहे ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए आदेश देने की गुहार लगाते हुए हाई कोर्ट में प्रस्तुत जनहित याचिका में 22 सितंबर को अंतिम बहस होगी।
याचिका में कहा गया है कि धार्मिक स्थलों पर लाउड स्पीकर पर तेज आवाज से होने वाले शोर को लेकर रहवासी परेशान होते हैं। सड़कों से जब-तब शोर मचाते हुए डीजे निकल जाते हैं।
रात 10 बजे के बाद डीजे और तेज आवाज के कार्यक्रमों पर रोक की गुहार
शोर पर रोक लगाने के लिए कोलाहल अधिनियम बनाया तो है, लेकिन कानून का पालन नहीं हो रहा। वाहनों में तेज लाउड स्पीकर बजाए जाते हैं। रात 10 बजे के बाद धार्मिक स्थल या अन्य खुले स्थानों पर तय मापदंडों से अधिक आवाज से होने वाले कार्यक्रमों पर रोक लगाई जानी चाहिए। याचिका में गुरुवार को सुनवाई होनी थी, लेकिन कोर्ट ने इसे अंतिम बहस के लिए तय करते हुए सुनवाई 22 सितंबर तक बढ़ा दी।
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