Sadhvi Harshanand Giri Controversy | Bhopal Statement Video Update

Sadhvi Harshanand Giri Controversy | Bhopal Statement Video Update

उज्जैन2 घंटे पहले

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Sadhvi Harshanand Giri Controversy | Bhopal Statement Video Update

भोपाल में रहने वाली साध्वी हर्षानंद गिरि ने रविवार को सोशल मीडिया पर नया वीडियो जारी किया है।

साध्वी हर्षानंद गिरि ने आश्रम में न रहने संबंधी बयान से यू-टर्न ले लिया है। अब उन्होंने कहा है- मेरे बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया। मेरा उद्देश्य किसी आश्रम या संत समाज पर सवाल उठाना नहीं, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाना था।

भोपाल में रहने वाली साध्वी हर्षानंद गिरि ने ये बयान रविवार को सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर दिया है। किचन में खाना बनाते हुए रिकॉर्ड किए गए वीडियो की शुरुआत “जय श्रीराम” से करते हुए हर्षानंद गिरि ने कहा कि वे आश्रम में रहना पसंद करती हैं, क्योंकि वहां उनका समय धर्म-कर्म, अध्ययन और पूजा-पाठ में बीतता है। घर पर रहने पर उन्हें घरेलू काम भी करने पड़ते हैं।

उन्होंने कहा- यदि कोई संत, संस्था या आश्रम सुरक्षा की गारंटी ले और यह भरोसा दे कि वहां कोई नुकसान नहीं होगा, तो मैं आज भी आश्रम में रहकर सेवा करने के लिए तैयार हूं। यदि किसी आश्रम की जिम्मेदारी सौंपी जाए तो मैं उसे संभालने के लिए भी तैयार हूं।

घर पर खुद को अधिक सुरक्षित महसूस करती हूं

वीडियो में हर्षानंद गिरि ने उज्जैन में एक महामंडलेश्वर पर दर्ज रेप के मामले का जिक्र करते हुए कहा कि आरोपी अब भी फरार है। ऐसी घटनाएं महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती हैं और इसी कारण वे अपने घर पर खुद को अधिक सुरक्षित महसूस करती हैं।

महिलाओं के लिए आश्रम बनाने की इच्छा जताई

हर्षानंद गिरि ने कहा कि भविष्य में वे ऐसा आश्रम बनाना चाहती हैं, जहां घरेलू हिंसा, सामाजिक प्रताड़ना या अन्य कारणों से बेघर हुई महिलाओं और बच्चियों को सुरक्षित आश्रय मिल सके। उन्होंने कहा कि समाज में कई ऐसी महिलाएं हैं, जिनकी सुरक्षा और देखभाल की जिम्मेदारी लेने वाला कोई नहीं है।

वीडियो के अंत में उन्होंने “हर-हर महादेव” से अपनी बात खत्म की।

पहले कहा था- संत से ज्यादा मेरी सास बन गए

मॉडल से साध्वी बनीं हर्षा रिछारिया उर्फ साध्वी हर्षानंद गिरि ने इससे पहले 31 जुलाई को कहा था- ये कौन से संत हैं, जिन्हें मेरी हर बात बुरी लग जाती है? मैं खाऊं-पहनूं, कहीं रहूं-किसी से मिलूं। कहीं घूमूं तो इन्हें बुरा लग जाता है। ये कौन हैं, जो संत से ज्यादा मेरी सास बन गए हैं, जो हर बात पर मुंह फुला लेते हैं।

उन्होंने कहा था- जिस समाज में 2 महीने की बेटी सुरक्षित नहीं है। हर जगह से रेप, कितने-कितने अपराध होने की सूचना मिलती है, वहां पर मैं कहां रहूं? मुझे बताओ। मैं कहां सुरक्षित हूं? जो संत बोल रहे हैं कि मुझे परिवार के साथ नहीं रहना, वो संत मेरी सुरक्षा की 100% गारंटी ले लें। मैं उनके आश्रम चली जाऊंगी।

संतों को कब से छोटी-छोटी बातों का बुरा लगने लगा, मुझे यह नहीं समझ में आता है। उनका गुस्सा पानी के बुलबुलों के समान होता है। संत में तो राग, द्वेष, ईर्ष्या कुछ नहीं होता। संतों में सिर्फ प्यार होता है। वे बड़ी से बड़ी बातों को हवा में उड़ा देते हैं।

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मॉडल से साध्वी बनीं हर्षा रिछारिया उर्फ हर्षानंद गिरि फिर विवादों में हैं। उन्होंने कुछ संतों पर निशाना साधा। आरोप लगाया कि वे उनके खाने-पहनने और माता-पिता के साथ रहने को लेकर लगातार टीका-टिप्पणी करते हैं। तो क्या संन्यास को लेकर कोई लिखित नियम हैं, हर्षा ने क्यों कहा कि बड़े-बड़े संत मेनिक्योर-पेडिक्योर करवाते हैं? पूरा विवाद क्या है, पढ़ें पूरी खबर…

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