Supreme Court:सुप्रीम कोर्ट ने कहा- सीपीसीबी दिवाली से पहले पटाखों के शोर की सीमा और ढील पर विचार करे – Supreme Court Updates Cji Surya Kant Diwali Crackers Cpcb Decision Other Legal Cases Hearing Hindi News

Supreme Court:सुप्रीम कोर्ट ने कहा- सीपीसीबी दिवाली से पहले पटाखों के शोर की सीमा और ढील पर विचार करे – Supreme Court Updates Cji Surya Kant Diwali Crackers Cpcb Decision Other Legal Cases Hearing Hindi News

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) से आगामी दिवाली पर्व के सीजन को देखते हुए पटाखों के शोर की तय सीमा (ध्वनि सीमा) और कुछ श्रेणियों के पटाखों पर आंशिक ढील दिए जाने की संभावना पर विचार करने को कहा है। कोर्ट ने साफ किया कि इस मामले पर एन वक्त पर जल्दबाजी करने के बजाय पहले ही विचार किया जाना चाहिए। जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस पीबी वराले की पीठ ने दिल्ली और उत्तर भारत के अन्य राज्यों में हवा के अधिक प्रदूषित होने के दौरान पटाखे जलाने पर लगी पाबंदियों से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान यह सुझाव दिया। पीठ ने सीपीसीबी के वकील से कहा कि कृपया कुछ छूट दें। हम दिवाली से ठीक पहले इसमें जल्दबाजी नहीं करना चाहते। शीर्ष अदालत ने 22 जुलाई को हुई पिछली सुनवाई के दौरान एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी से कहा था कि वे सीपीसीबी से इस बारे में निर्देश लें कि क्या शोर से जुड़ी पाबंदियों में कुछ छूट देकर खास तरह के पटाखों की इजाजत दी जा सकती है।




बुधवार को सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार और सीपीसीबी की ओर से पेश भाटी ने सुनवाई टालने का अनुरोध किया। पीठ ने उनका अनुरोध स्वीकार कर लिया, लेकिन फिर से कहा कि सीपीसीबी को त्योहार से पहले शोर की तय सीमा में कुछ ढील देने की संभावना पर विचार करना चाहिए। कुछ पटाखा विक्रेताओं की ओर से पेश वरिष्ठ वकील जेसाई दीपक ने कहा कि मौजूदा स्थिति के बारे में कोई स्पष्टता नहीं है और उनके क्लाइंट का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है। कम से कम लाइसेंस तो बहाल कर दिया जाए, ताकि अगर कोर्ट मैन्युफैक्चरिंग की इजाजत देने का फैसला करे तो लाइसेंस हो।

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