विश्व शरणार्थी दिवस: देश के विभाजन के बाद सिंध से आए और मालवा-निमाड़ की पहचान बन गए

विश्व शरणार्थी दिवस: देश के विभाजन के बाद सिंध से आए और मालवा-निमाड़ की पहचान बन गए

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। देश विभाजन की त्रासदी ने लाखों लोगों को अपनी जन्मभूमि छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया था। इनमें बड़ी संख्या सिंधी समाज की थी, जो पाकिस्तान के…