उज्जैन के बड़नगर में मोहर्रम जुलूस के दौरान क्रेन से 40 फीट ऊपर लटकाकर मैजिक वैन में किए गए विस्फोट का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। वीडियो वायरल होने के 24 घंटे के भीतर ही एटीएस, फोरेंसिक और बम निरोधक दस्ते ने जांच शुरू कर दी है। शुक्रवार सुबह उज्जैन से फोरेंसिक टीम और बम निरोधक दस्ता बड़नगर थाने पहुंचा।
जब्त मैजिक वैन से विस्फोटक अवशेष, वायरिंग और जले हुए पटाखों के सैंपल लिए गए। एफएसएल के साथ ही एटीएस भी इस बात की जांच में जुटी है कि वैन पर लिखे ‘ले फिर आ गए’ और जुलूस में लहराई गई तख्तियों के क्या मायने हैं। खुफिया एजेंसियां सक्रिय हैं और आरोपियों के पुराने रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।

जुलूस के दौरान मैजिक ब्लास्ट करते हुए की तस्वीर।
आरोपियों का कहना – पटाखों से किया विस्फोट
बताया जाता है कि आरोपी शोएब ने ही अडान अखाड़े के बैनर तले यह जुलूस निकाला था। उसी ने अपने भंगार में रखी मैजिक गाड़ी को क्रेन पर लटकवाया था। पुलिस को आरोपियों ने करीब 8 हजार रुपये के पटाखे खरीदने का बिल भी दिया है, जिसकी जांच की जा रही है। जांच में यह भी सामने आया है कि विस्फोट के समय जाहिद और तपसील उर्फ तस्लीम मैजिक में मौजूद थे और ब्लास्ट के बाद झंडे लहराते दिखाई दिए।
पुष्प वर्षा के लिए बुलाई थी क्रेन
श्री सांवरिया क्रेन सर्विस, बड़नगर के संचालक गोपाल राठौर का कहना है कि अडान अखाड़े के लोगों ने पुष्प वर्षा के लिए क्रेन किराए पर लेने की बात कही थी। 2500 रुपये किराया तय होने के बाद चालक सहित क्रेन भेज दी गई। मौके पर पहुंचने के बाद अखाड़े के लोगों ने मैजिक वाहन को क्रेन से लटकाकर विस्फोट कर दिया, जिसकी जानकारी उन्हें भी नहीं थी।
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पुलिस ने की यह कार्रवाई
पुलिस ने इस मामले में आरोपी शोएब पिता गब्बू, जाहिद पिता भूरा खां और तस्लीम उर्फ नेहरू को गिरफ्तार कर उनका जुलूस निकाला और फिर कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया। आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 382/2026 के तहत धारा 110, 125(ए), 223(बी), 285, 287, 288 व 3(5) BNS में प्रकरण दर्ज किया गया है। साथ ही एएसपी करनदीप सिंह ने क्यूआरटी टीम के साथ संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च किया।
जानिए क्यों है संवेदनशील मामला
एसपी प्रदीप शर्मा के अनुसार, जय स्तंभ चौक पर हजारों की भीड़ के बीच यह ब्लास्ट किया गया। कांच के टुकड़े दूर तक गिरे। उज्जैन, नागदा और उन्हेल क्षेत्र पहले से संवेदनशील सूची में हैं, इसलिए एटीएस को भी जांच में शामिल किया गया है। फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही साफ होगा कि विस्फोट सिर्फ पटाखों से हुआ था या किसी अन्य रसायन का इस्तेमाल किया गया। ‘ले फिर आ गए’ स्लोगन का स्रोत और उसका उद्देश्य जांच का मुख्य बिंदु है।
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