UPI पर सरचार्ज लगाया तो इंदौर के बाजारों से हटेंगे QR कोड, नकद होगा कारोबार

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर : व्यापारी पर अतिरिक्त शुल्क थोपा तो भुगतान का माध्यम भी बदल जाएगा। ₹2000 से अधिक के UPI लेन-देन पर प्रस्तावित MDR सरचार्ज के विरोध में इंदौर के व्यापारियों ने अब आर-पार की तैयारी कर ली है। अहिल्या चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज से जुड़े 125 व्यापारिक संगठनों ने सामूहिक निर्णय लिया है कि सरचार्ज लागू होते ही व्यापारी अपने प्रतिष्ठानों से UPI QR कोड हटा देंगे और नकद कारोबार अपनाएंगे। व्यापारियों ने साफ संदेश दिया है कि व्यापार की लागत बढ़ाने वाला कोई भी फैसला स्वीकार नहीं किया जाएगा।

अभिनव कला समाज के हॉल परिसर में शुक्रवार को चेम्बर्स अध्यक्ष रमेश खंडेलवाल और महामंत्री गोपाल दास अग्रवाल की अगुवाई में आयोजित बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में शामिल व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने सरचार्ज के विरोध में एकजुटता जताते हुए कहा कि शुल्क किसी भी राशि या तारीख से लागू हो, व्यापारी उसी दिन से QR कोड हटाने के सामूहिक फैसले पर अमल करेंगे। अब यह विरोध केवल बयानबाजी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बाजारों में दिखाई देगा।

23 सितंबर के नो UPI डे से अब अगले चरण की तैयारी

अहिल्या चेम्बर्स के संयुक्त सचिव और इंदौर रिटेल गारमेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अक्षय जैन ने कहा कि 23 सितंबर को आयोजित नो UPI डे के जरिए इंदौर के व्यापारियों ने सरचार्ज के विरोध में देशभर तक संदेश पहुंचाया था। अब 125 व्यापारिक संगठनों का साझा निर्णय इस आंदोलन को नई दिशा देगा।

उन्होंने कहा कि व्यापारी पहले ही प्रतिस्पर्धा, बढ़ती लागत और सीमित मुनाफे जैसी चुनौतियों से जूझ रहा है। ऐसे में डिजिटल भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क का बोझ उसके आर्थिक हितों को प्रभावित कर सकता है। सवाल यह है कि जब व्यापारी को ही अतिरिक्त लागत उठानी पड़ेगी, तो वह उस भुगतान माध्यम को क्यों अपनाए, जिस पर उसे शुल्क देना पड़े?

व्यापारी किस माध्यम से भुगतान स्वीकार करेगा, यह उसकी व्यावसायिक परिस्थितियों और लागत से जुड़ा विषय है। सरचार्ज के विरोध में नगद व्यवहार का विकल्प अपनाना व्यापारियों का सामूहिक निर्णय है। अब जरूरत है कि सभी संगठन इस फैसले पर एकजुट रहें, ताकि व्यापारियों की आवाज को नजरअंदाज नहीं किया जा सके।

पांच दिन बाजारों में उतरेंगे चेम्बर्स के पदाधिकारी

निर्णय को बाजार स्तर तक पहुंचाने के लिए चेम्बर्स के पदाधिकारी अगले पांच दिनों तक इंदौर के विभिन्न व्यापारिक क्षेत्रों का दौरा करेंगे। व्यापारियों को प्रस्तावित सरचार्ज के प्रभावों की जानकारी देकर सामूहिक निर्णय के समर्थन में लामबंद किया जाएगा।

बैठक से निकला संदेश स्पष्ट है व्यापारी विरोध दर्ज कराने के लिए केवल ज्ञापन और नारों तक सीमित नहीं रहना चाहते। सरचार्ज लागू होने की स्थिति में QR कोड हटाकर नगद कारोबार अपनाने का निर्णय इसी रणनीति का हिस्सा है। चेम्बर्स पदाधिकारियों ने कहा कि व्यापारी हितों की रक्षा के लिए यह संघर्ष लगातार जारी रहेगा।

बैठक में ये रहे मौजूद: रमेश खंडेलवाल, गोपाल दास अग्रवाल, अक्षय जैन, गोविंद अग्रवाल, नरेंद्र बाफना, रजनीश चोरड़िया, हरदीप सिंह, मनीष निगम, सुशील मेहता, कैलाश खंडेलवाल, मनोज काला, चंद्रशेखर खन्ना, बसंत सोनी, प्रदीप जैन, पुरषोत्तम शर्मा महेंद्र जैन, सहित विभिन्न व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधि।

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