डिवाइडर में कट नहीं होने के कारण वाहन चालकों को सड़क पर करने के लिए 70 से 80 मीटर तक गलत दिशा में आना पड़ता है। ऐसे में दुर्घटना की स्थिति बनती है। …और पढ़ें

HighLights
- सिंहस्थ-2028 में उज्जैन आवागमन के लिए सबसे ज्यादा होगी महत्वपूर्ण सड़क
- वाहन चालकों को सड़क पर करने के लिए 70 से 80 मीटर तक गलत दिशा में आना पड़ता है
- क्रासिंग के दौरान ब्रिज से आ रहे तेज गति से वाहन चालक यहां आपस में उलझते हैं
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। शहर को ट्रैफिक में नंबर-वन बनाने व ब्लैक स्पाट कम करने की कवायद लगातार चल रही है। एमआर-10 ब्रिज पर पुराने टोल नाका के पास अब एक नया ब्लैक स्पाट बन गया है। ब्रिज पर पिछले कई वर्षाें से बना हुआ टोल नाका हटने से एमआर-10 ब्रिज से वाहन तेज गति से आते हैं, लेकिन डिवाइडर में कट नहीं होने के कारण वाहन चालकों को सड़क पर करने के लिए 70 से 80 मीटर तक गलत दिशा में आना पड़ता है। ऐसे में क्रासिंग के दौरान ब्रिज से आ रहे तेज गति से वाहन चालक यहां आपस में उलझते हैं और दुर्घटना की स्थिति बनती है।
ब्रिज से ही बड़ी संख्या में वाहन चालक न्यू विजय नगर, कालिंदी कुंज सहित अन्य कालोनियों के वाहन चालक आवागम करते हैं। इससे दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ रही है। जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में भी यह मुद्दा उठा था, तो कलेक्टर ने इंदौर विकास प्राधिकरण और यातायात पुलिस को निराकरण करने के लिए कहा था। एमआर-10 टोल नाका से लवकुश चौराहा तक की सड़क का स्वामित्व आईडीए के पास है। वहीं, यातायात विभाग के जिम्मेदारों के अनुसार एमआर-10 ब्रिज पर प्रीकास्ट लगाकर चौराहा बना दिया है। इससे दुर्घटनाओं में कमी आई है।
सिंहस्थ में सबसे महत्वपूर्ण सड़क होगी साबित
लवकुश चौराहा पर फ्लायओवर बनने और मेट्रो की क्रासिंग के बाद यहां यातायात जरूर कम होगा। सिंहस्थ-2028 के लिए उज्जैन आवागमन के लिए सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण सड़क होगी। सिंहस्थ के दौरान सबसे ज्यादा दो, चार वाहनों सहित छोटे-बड़े वाहनों का दवाब भी इसी सड़क पर होगा। हालांकि, आईडीए यहां अभी एमआर-10 ब्रिज को और चौड़ा करने की भी प्लानिंग कर रहा है। यदि वह काम होता है तो यह चौराहा और भी खतरनाक हो सकता है।
डिवाइडर बनाकर कट करना होगा बंद
ब्लैक स्पाट को खत्म करने के लिए ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि इसका सर्वे किया जाना जरूरी है। भविष्य में यहां और ज्यादा यातायात का दबाव बढ़ेगा। दीपमाला ढाबे की ओर से आने वाले वाहनों को होटल की ओर जाने के लिए डिवाइडर से कट देना होगा। ट्रैफिक कंसल्टेंट के माध्यम से मर्जिंग पाइंट पर ट्रैफिक सिग्नल लगाकर चौराहे को व्यवस्थित किया जा सकता है। रात के समय वाहनों की गति पर नियंत्रण के लिए पहले रंबल स्ट्रीप का निर्माण करना होगा। पहले जहां टोल नाका था, वहां डिवाइडर बनाकर एवं ग्रीन बेल्ट का कट बंद करना होगा।
एमआर-10 ब्रिज पर छह लाइन ब्रिज निर्माण
ब्लैक स्पाट में शामिल राऊ गोल चौराहा बन चुका है। रालामंडल वाले में सुधार कर चुके हैं। अर्जुन बड़ौद ब्रिज को शुरू कर चुके है। इसके अलावा अधिकांश ब्लैक स्पाट पर सुधार कार्य कर लिए गए हैं। एमआर-10 ब्रिज पर ब्लैक स्पाट को देखते हुए छह लाइन फ्लाइओवर का निर्माण किया जाएगा। – प्रवीण यादव, प्रोजेक्ट मैनेजर, एनएचएआई
35 प्रतिशत दुर्घटनाओं व मौत में आई कमी
ब्लैक स्पाट को लेकर नगर निगम, आईडीए, एनएचएआई, एमपीआरडीसी द्वारा लगातार सुधार कार्य किए जा रहे हैं। पिछले साल की तुलना में दुर्घटनाओं व मौतों में 35 प्रतिशत तक की कमी आ चुकी है। एमआर-10 ब्रिज प्रीक्रास्ट लगाकर गोल चौराहा बना दिया है, इससे दुर्घटनाओं में लगातार कमी आ रही है। वहीं, शहर में यातायात सुधार को लेकर निरंतर कदम उठाए जा रहे हैं। – राजेश कुमार त्रिपाठी, डीसीसी, ट्रैफिक
इंदौर में एमआर-10 जंक्शन और अर्जुन बड़ौद के लिए फ्लाई एश की समस्या खत्म
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