इंदौर-देवास बायपास पर गड्ढों में हिचकोले खा रही गाड़‍ियां, हर वक्त बना रहता है हादसे का डर

इंदौर-देवास बायपास पर गड्ढों में हिचकोले खा रही गाड़‍ियां, हर वक्त बना रहता है हादसे का डर

इंदौर-देवास बायपास पर अर्जुन बड़ौद फ्लाईओवर बनने के 4 महीने बाद भी सर्विस रोड गड्ढों से भरी है। बरसात में गड्ढों में पानी भरने से हादसे का खतरा बढ़ गय…और पढ़ें

Publish Date: Sat, 01 Aug 2026 12:29:11 PM (IST)Updated Date: Sat, 01 Aug 2026 12:35:53 PM (IST)

इंदौर-देवास बायपास पर गड्ढों में हिचकोले खा रही गाड़‍ियां, हर वक्त बना रहता है हादसे का डर
अर्जुन बड़ौद फ्लाईओवर की सर्विस रोड के गड्ढों में भरा पानी। दूसरी तस्वीर मांगलिया रेलवे क्रासिंग से निकलना हुआ मुश्किल।

HighLights

  1. बरसात में गड्ढों में पानी भरने से हादसे का खतरा बढ़ गया है
  2. रोजाना हजारों वाहन इस रास्ते से गुजरते हैं
  3. अधिकारी कह रहे हैं बरसात रुकने के बाद सड़क सुधारी जाएगी

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। इंदौर-देवास बायपास पर स्थित अर्जुन बड़ौद फ्लाईओवर का निर्माण चार महीने पहले पूरा हो चुका है और आवाजाही हो रही है, लेकिन फ्लाईओवर से लगी सर्विस रोड अब भी गड्ढों से भरी है। बरसात में गड्ढों में पानी भरने से दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। एजेंसी को फ्लाईओवर बनने के बाद सर्विस रोड की मरम्मत करनी थी।

एनएचएआई ने मई में ही एजेंसी को मरम्मत के निर्देश दिए थे, लेकिन अब तक गड्ढे नहीं भरे गए। रोजाना हजारों वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं। कई बार भारी वाहन गड्ढों में उतरने से यातायात भी प्रभावित हो रहा है। बरसात में स्थिति और खराब हो गई है। सड़क पर बड़े गड्ढों में पानी भर जाने से गहराई का अंदाजा नहीं लगता।

वाहन चालकों के अनुसार दोपहिया-चारपहिया वाहन अचानक गड्ढों में उतर कर संतुलन खो रहे हैं। रात और तेज बारिश में यह रास्ता बेहद जोखिम भरा हो गया है। लोगों ने तत्काल मरम्मत की मांग की है। एनएचएआइ अधिकारी के अनुसार बरसात रुकने पर सड़क सुधारी जाएगी।

मांगलिया ओवर ब्रिज के निर्माण कार्य के चलते पैदल चलना मुश्किल

मांगलिया में रेलवे ओवरब्रिज निर्माण कार्य के कारण स्कूली बच्चों और ग्रामीणों का पैदल आवागमन मुश्किल हो गया है। वर्षा में मार्ग पर कीचड़ और फिसलन से लोग गिर रहे हैं। निर्माण शुरू हुए सात महीने से ज्यादा हो गए, लेकिन अब तक दोनों तरफ के पिलरों का काम भी पूरा नहीं हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार बारिश से पहले गारीपिपलिया के जंगल वाले रास्ते से बाइक सवार रेलवे की छोटी पुलिया के नीचे से आसानी से आवागमन करते थे।

अब पुलिया के नीचे पानी भर गया है और रास्ते में कीचड़ होने से दोपहिया वाहन नहीं निकल पा रहे हैं। नौकरीपेशा, दुकानदार और खरीददारी करने वाले लोग वाहन को क्रासिंग से पहले खड़ा कर पैदल गंतव्य तक जा रहे हैं। इस बीच एचपीसीएल तेल डिपो के टैंकरों का जमावड़ा और क्रासिंग के दूसरी ओर बीपीसीएल के टैंकरों के सड़क पर खड़े रहने से पैदल और दोपहिया सवारों का निकलना और मुश्किल हो गया है।

सबसे ज्यादा परेशानी मांगलिया आने-जाने वाले स्कूली बच्चों को हो रही है। कई बच्चों के पैर फिसलने से वे कीचड़ में गिर जा रहे हैं, जिससे उनके कपड़े खराब हो रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन और रेलवे से मांग की है कि निर्माण अवधि में वैकल्पिक सुरक्षित रास्ते की व्यवस्था की जाए और टैंकरों के अवैध पार्किंग पर रोक लगाई जाए।

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