नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। अवैध शराब तस्करी के मामले की जांच में पुलिस के हाथ चौंकाने वाली जानकारी लगी है। पूछताछ में गिरफ्तार आरोपितों ने शराब तस्करी के नेटवर्क के तार आलीराजपुर तक जुड़े होने की जानकारी दी है। आरोपितों ने बताया कि शराब ठेकेदारों से सस्ते दाम पर शराब खरीदकर ट्रकों के जरिए लाई जाती थी। इसके बाद ट्रक से शराब खाली करवाकर छोटी गाड़ियों में लोड की जाती और गुजरात में तस्करों तक पहुंचाई जाती थी।
पूछताछ में 30 से ज्यादा ट्रक शराब गुजरात भेजने की बात भी सामने आई है। मामले में कनाड़िया पुलिस ने शनिवार को दो फरार आरोपितों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने दोनों को कोर्ट में पेश कर रिमांड मांगा है। अब पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और शराब की सप्लाई के पूरे रास्ते की जानकारी जुटा रही है।
बायपास पर पकड़ा था शराब से भरा ट्रक
कनाड़िया पुलिस ने 24 जुलाई को कनाड़िया बायपास से लाखों रुपये कीमत की शराब से भरा ट्रक क्रमांक यूपी 63 बीटी 1468 पकड़ा था। ट्रक में बड़ी मात्रा में अवैध शराब भरी हुई थी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आकाशसिंह अहिरवार, राहुल नामदेव, विजय वैष्णव, दीपांशु सोनाने और नितेश प्रजापति को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान आरोपितों ने पुलिस को हनी पुत्र हरभजनसिंह टूटेजा निवासी अमितेष नगर और मोनू उर्फ कृष्णा निवासी रठेरी, मुरैना के नाम बताए थे। इसके बाद दोनों की तलाश शुरू की गई। एडिशनल डीसीपी जोन-2 अमरेंद्र सिंह की टीम ने शनिवार को दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में गिरफ्तार आरोपितों ने चंदर चौहान और प्रदीपसिंह चौहान को इस पूरे नेटवर्क का सरगना बताया है। आरोपितों ने पुलिस को बताया कि दोनों आलीराजपुर क्षेत्र से अवैध शराब के कारोबार को संचालित करते हैं। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों के संबंध एक मंत्री के रिश्तेदारों के रूप में बताए जा रहे हैं। हालांकि पुलिस अब इन दावों की स्वतंत्र रूप से जांच कर रही है।
आरोपितों के मुताबिक गिरोह शराब ठेकेदारों से कम कीमत पर शराब खरीदता था। इसके बाद ट्रकों के जरिए शराब को ऐसे स्थान तक लाया जाता, जहां से उसे छोटे वाहनों में शिफ्ट किया जाता था। छोटी गाड़ियों के माध्यम से शराब गुजरात भेजी जाती थी। गुजरात में शराब प्रतिबंधित होने के कारण वहां इस शराब की मांग और तस्करी का नेटवर्क सक्रिय होने की बात आरोपितों ने पुलिस को बताई है।
शिवपुरी के ठेकेदार से शराब खरीदने का दावा
पूछताछ में आरोपितों ने पुलिस को बताया कि गिरोह ने शिवपुरी के एक शराब ठेकेदार से भी शराब खरीदी थी। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि शराब किस माध्यम से खरीदी गई, भुगतान किस तरह किया गया और ट्रकों में शराब भरने से लेकर गुजरात पहुंचाने तक नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल थे। आरोपित हनी द्वारा ही वर्चुअल नंबरों की व्यवस्था की गई थी। ट्रक चालक वर्चुअल नंबर का इस्तेमाल करता था। कुछ लोग ट्रक पास करवाने के लिए पेट्रोलिंग करते थे।
30 से ज्यादा ट्रकों का हिसाब खंगालेगी पुलिस
सबसे महत्वपूर्ण जानकारी यह सामने आई है कि आरोपितों ने पूछताछ में 30 से ज्यादा ट्रकों में शराब गुजरात भेजने की बात स्वीकार की है। पुलिस अब इन सभी ट्रकों की जानकारी जुटाने में लगी है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि प्रत्येक ट्रक में कितनी शराब भेजी गई और गुजरात में किन तस्करों तक इसकी डिलीवरी हुई। बल्कि इसके पीछे बड़ा संगठित नेटवर्क काम कर रहा है। जांच में ट्रांसपोर्टरों, शराब ठेकेदारों, ड्राइवरों और गुजरात में शराब लेने वाले तस्करों की भूमिका भी सामने आ सकती है।
यह भी पढ़ें- ओडिशा से उत्तर प्रदेश गांजा तस्करी का भंडाफोड़, रायगढ़ पुलिस ने महिला तस्कर समेत दो को दबोचा
चंदर-प्रदीप की तलाश तेज
पूछताछ में सरगना के रूप में सामने आए चंदर चौहान और प्रदीपसिंह चौहान फिलहाल पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। पुलिस दोनों की तलाश कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों की गिरफ्तारी के बाद शराब तस्करी के नेटवर्क, फंडिंग, सप्लाई चैन और गुजरात में जुड़े लोगों के संबंध में और अहम जानकारी मिलने की उम्मीद है।
Source link
#इदर #पलस #क #हथ #लग #मधय #परदशगजरत #क #सडकट #मतर #क #रशतदर #स #जड #शरब #कड #क #तर

