इंदौर में ऑनर किलिंग, हींग व्यापारी की 25 वर्षीय बेटी की भाई और मां ने की हत्या, तीन माह से पुलिस को कर रहे थे गुमराह

इंदौर में ऑनर किलिंग, हींग व्यापारी की 25 वर्षीय बेटी की भाई और मां ने की हत्या, तीन माह से पुलिस को कर रहे थे गुमराह

नईदुनिया प्रतिनिधि,इंदौर। हीरानगर थाना क्षेत्र में 25 वर्षीय ज्योति अग्रवाल की मौत को चार अप्रैल को हुई थी। मामले में परिवार इसे आत्महत्या बता रहा था। लेकिन पुलिस की जांच में यह मामला मामला आनर किलिंग का है। प्रेमी से मिलने की बात पर भाई ने युवती का सिर दीवार पर पटका था और मां ने उसका साथ दिया था।

आरोपितों ने घटना को छुपाने के लिए बाद में युवती को जहरीला पदार्थ खिलाकर अस्पताल में भर्ती करवा दिया था। तीन माह तक परिवार पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन पीएम रिपोर्ट, शरीर पर मिले चोट के निशान और डिलिट डीवीआर फुटेज से पुलिस को शक हुआ।

पुलिस ने मामले में भाई विकास अग्रवाल और मां शीतल अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक बजरंग नगर निवासी ज्योति कारोबार करती थी। उसका दूसरी जाति के एक युवक से प्रेम संबंध था। परिवार को इस रिश्ते की जानकारी पहले से थी और इसी बात को लेकर घर में लगातार तनाव बना रहता था।

जांच में सामने आया कि दो अप्रैल को ज्योति अपने प्रेमी से मिलने के लिए घर से जा रही थी। इसी बात पर घर में विवाद शुरू हो गया। बहस इतनी बढ़ी कि भाई विकास ने गुस्से में ज्योति के साथ मारपीट कर दी।

उसका सिर दीवार से दे मारा, जिससे कान के पीछे गंभीर चोट आई। मां भी मारपीट में शामिल थी। युवती के शरीर पर 12 से 13 चोट के निशान मिले। घायल हालत में ज्योति को अस्पताल ले जाया गया, जहां 4 अप्रैल को उसकी मौत हो गई।

परिवार ने पुलिस को बताया ज्योति ने खाया जहर

परिवार ने पुलिस को बताया था कि ज्योति ने गुस्से में अपने कमरे में जाकर जहरीला पदार्थ खा लिया था और उसी कारण उसकी तबीयत बिगड़ गई। शुरुआती तौर पर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की, लेकिन कुछ तथ्य शुरुआत से ही कहानी पर सवाल खड़े कर रहे थे।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद पुलिस का शक और गहरा गया। रिपोर्ट में मौत का कारण जहरीला पदार्थ नहीं, बल्कि सिर में आई गंभीर चोट बताया। इसके शरीर पर कई चोट के निशान मिले थे।

सीसीटीवी कैमरे के डीवीआर से रिकार्ड गायब

पुलिस ने घटनास्थल का दोबारा बारीकी से निरीक्षण किया। जांच के दौरान सामने आया कि घर के लगभग हर हिस्से में सीसीटीवी कैमरे लगे थे, लेकिन घटना के आसपास के दो से तीन दिन का डीवीआर रिकार्ड गायब था। जांच अधिकारियों को यह भी संदिग्ध लगा कि डीवीआर पर धूल तक नहीं जमी थी, जिससे आशंका हुई कि हाल ही में इससे छेड़छाड़ की गई है। जांच टीम को मृतका के कमरे में वह जहरीला पदार्थ भी लगभग उसी स्थिति में मिला, जैसा घटना वाले दिन बताया गया था।

अलग-अलग पूछताछ में खुला राज

पुलिस ने परिवार से अलग-अलग पूछताछ की। पूछताछ में परिवार के सदस्य बार-बार बयान बदलते रहे और कई विरोधाभास सामने आए। आखिरकार सख्ती से पूछताछ करने पर पूरी घटना का खुलासा हो गया। भाई ने स्वीकार किया कि विवाद के दौरान उसने ज्योति का सिर दीवार से टकरा दिया था। उसी चोट के कारण उसकी हालत बिगड़ी और बाद में अस्पताल में मौत हो गई।

तीन माह बाद पुलिस पहुंची आरोपितों तक

तीन महीने तक हत्या की सच्चाई पर पर्दा डालने की कोशिश भाई और मां द्वारा की गई, लेकिन आखिरकार पुलिस ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए भाई विकास अग्रवाल और मां शीतल अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया। भाई को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है, जबकि मां को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।

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