इस साल मार्च में कोलकाता एयरपोर्ट से पकड़े गए अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरॉन वान डाइक को लेकर भारत में छह महीने बाद राजनीति गरमा गई है। दरअसल, वान डाइक और छह यूक्रेनी नागरिकों को 13 मार्च को गिरफ्तार किए जाने के बाद इनके खिलाफ देश की आतंक-रोधी एजेंसी- राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) जांच कर रही थी। मंगलवार (8 सितंबर) को एनआईए ने विशेष अदालत के सामने मामले की पहली चार्जशीट दाखिल की। इसमें वान डाइक समेत सभी सात आरोपियों पर आव्रजन और अवैध गतिविधियों के मामलों में तो आरोप बरकरार रखे गए हैं, लेकिन आतंक-रोधी कानून यूएपीए की धाराएं हटा ली गई हैं, जो कि गिरफ्तारी के बाद जांच के दौरान लगाई गई थी। एनआईए के वान डाइक से यूएपीए की धाराएं हटाने को लेकर कांग्रेस से लेकर एआईएमआईएम तक ने अब केंद्र सरकार को घेरा है और उस पर अमेरिका के दबाव में होने का आरोप लगाया है।
ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर यह मैथ्यू एरॉन वान डाइक कौन है? उसे छह यूक्रेनी नागरिकों के साथ कब-क्यों गिरफ्तार किया गया? एनआईए ने उससे जुड़े मामले में शुरुआत में क्या आरोप तय किए थे? अब एनआईए की तरफ से जो चार्जशीट दाखिल की गई है, उसमें क्या कहा गया? इस चार्जशीट पर भारत की सियासत में सरगर्मियां कैसे तेज हो गईं? आइये जानते हैं…
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