मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का मध्यप्रदेश से गहरा संबंध रहा है। वे यहां आए, शिक्षा प्राप्त की और कान्हा से योगीराज श्रीकृष्ण बनने की यात्रा पूरी की। प्रदेश में जहां-जहां भगवान श्रीकृष्ण के चरण पड़े हैं, उन स्थानों को चिन्हित कर श्रीकृष्ण तीर्थ के रूप में विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री बुधवार शाम रविंद्र भवन में आयोजित सात दिवसीय रासलीला समारोह में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण का जीवन संघर्षों से भरा रहा। जन्म से ही संकटों का सामना करने वाले कृष्ण ने परिस्थितियों के आगे हार नहीं मानी और आगे चलकर दुनिया को श्रीमद्भगवद्गीता का ज्ञान दिया। उन्होंने कहा कि कृष्ण का जीवन संघर्ष के बीच अपने कर्म और कर्तव्य को निभाने की प्रेरणा देता है। मुख्यमंत्री ने राधा-कृष्ण की जीवित झांकी की आरती उतारी और कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण 64 कलाओं और 14 विद्याओं के ज्ञाता थे। उनका जीवन आज भी समाज को कर्म, ज्ञान और भक्ति का संदेश देता है। मुख्यमंत्री ने बताया कि वे 3 सितंबर को द्वारका जाएंगे।
Source link
#एमप #जहजह #पड #कनह #क #चरणवह #बनग #शरकषण #तरथ #सएम #महन #यदव #बलमधयपरदश #स #रह #गहर #नत



