ऑपरेशन मैट्रिक्स : इंदौर पुलिस का म्यूल खातों और फर्जी सिम पर शिकंजा, 16 केस में 44 आरोपी

ऑपरेशन मैट्रिक्स : इंदौर पुलिस का म्यूल खातों और फर्जी सिम पर शिकंजा, 16 केस में 44 आरोपी

नेटवर्क की वित्तीय जांच की जा रही है, ताकि ठगी की रकम के आगे हुए लेनदेन और इसमें शामिल अन्य लोगों का पता लगाया जा सके।

Publish Date: Mon, 26 Oct 2026 09:15:04 AM (IST)Updated Date: Mon, 26 Oct 2026 09:19:45 AM (IST)

ऑपरेशन मैट्रिक्स : इंदौर पुलिस का म्यूल खातों और फर्जी सिम पर शिकंजा, 16 केस में 44 आरोपी
पुलिस कर रही म्यूल अकाउंट के पूरे नेटवर्क की जांच। – प्रतीकात्मक तस्वीर

HighLights

  1. किराये के बैंक खातों से साइबर ठगी करने वालों पर कार्रवाई
  2. धड़ल्ले से खाते खोलने वाले बैंक अफसरों की भूमिका की भी जांच
  3. ठगी से मिली रकम को आगे भेजने के लिए होता है इनका उपयोग

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। साइबर ठगी में इस्तेमाल हो रहे म्यूल बैंक खातों और फर्जी सिम कार्ड के नेटवर्क को तोड़ने के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन मैट्रिक्स के तहत इंदौर पुलिस ने जोन-1 और जोन-4 में 16 केस दर्ज किए हैं। इन मामलों में 44 लोगों को आरोपी बनाया गया है। अक्टूबर में चलाए गए अभियान के दौरान बैंक खातों के लेनदेन, केवाईसी दस्तावेजों और मोबाइल नंबरों की जांच की गई।

इस जांच के दायरे में बैंक अफसर भी आए हैं। डीसीपी जोन-1 नरेंद्रसिंह रावत के अनुसार, ऑपरेशन मैट्रिक्स के तहत पुलिस ऐसे बैंक खातों की पहचान कर रही है, जिनका उपयोग साइबर ठगी से मिली रकम को आगे भेजने के लिए किया जाता है। जांच में खातों के लेनदेन का ब्योरा, केवाईसी दस्तावेज और उनसे जुड़े मोबाइल नंबरों का मिलान किया जा रहा है।

डीसीपी ने बताया कि कार्रवाई केवल खाताधारकों तक सीमित नहीं है। पूरे नेटवर्क की वित्तीय जांच की जा रही है, ताकि ठगी की रकम के आगे हुए लेनदेन और इसमें शामिल अन्य लोगों का पता लगाया जा सके। ठगी में इस्तेमाल किए गए कुछ खातों के मामलों में बैंक अफसरों की भूमिका भी संदिग्ध मिली है।

इधर, साइबर ठगी के लिए बैंक खाता देने वाला बिचौलिया गिरफ्तार

साइबर ठगी की रकम जमा कराने के मामले में तुकोगंज पुलिस ने खाताधारक और बिचौलिये को गिरफ्तार किया है। इस खाते में विभिन्न राज्यों में हुई साइबर ठगी के करीब नौ लाख रुपये आए। थाना प्रभारी जितेंद्र चौहान के मुताबिक, खाता डीसीबी बैंक में खुला था।

पुलिस ने इस मामले में खजराना की रामकृष्ण बाग कालोनी निवासी आकाश रसीले और सावन सोलंकी को गिरफ्तार किया है। आकाश ने साइबर ठगों को बैंक खाता उपलब्ध कराया था। सावन ने बिचौलिये की भूमिका निभाई।

गुजरात में साइबर ठगी का फरार आरोपी इंदौर से गिरफ्तार

गुजरात में साइबर ठगी के मामले में फरार चल रहे मयंक जैन को पुलिस ने लसूड़िया क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। सूरत ग्रामीण जिले के कडोदरा थाने की पुलिस ने लसूड़िया पुलिस की मदद से निपानिया क्षेत्र में कार्रवाई की। कडोदरा थाने में दर्ज साइबर ठगी के एक मामले की जांच के दौरान मुख्य आरोपी से बड़ी संख्या में सिम कार्ड और म्यूल बैंक खाते मिले थे।

यह भी पढ़ें- सोशल मीडिया की दोस्ती और मुंबई एयरपोर्ट कस्टम के नाम पर महिला से 2 लाख की ठगी, पाकिस्तानी नंबर से आया था कॉल

इससे जुड़े अन्य आरोपितों की तलाश की जा रही थी। इसी सिलसिले में कडोदरा पुलिस की टीम इंदौर पहुंची और लसूड़िया पुलिस से संपर्क किया। गुजरात पुलिस और लसूड़िया पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में मयंक पुत्र ओमप्रकाश जैन निवासी अमृत पैलेस, निपानिया को पकड़ा गया।

यह भी पढ़ें- चार रुपये के रिफंड के चक्कर में 98 हजार गंवाए, जबलपुर में शिक्षक समेत चार लोग साइबर ठगी के शिकार

Source link
#ऑपरशन #मटरकस #इदर #पलस #क #मयल #खत #और #फरज #सम #पर #शकज #कस #म #आरप

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *