जयपुर, दौसा, करौली, भरतपुर, धौलपुर, कोटा, बूंदी, बारां, सवाई माधोपुर और आसपास के क्षेत्रों में दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है।

जयपुर, दौसा, करौली, भरतपुर, धौलपुर, कोटा, बूंदी, बारां, सवाई माधोपुर और आसपास के क्षेत्रों में दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है।
राजस्थान में 4 अगस्त, मंगलवार को भी मानसून की रफ्तार धीमी रहने की संभावना है। हालांकि मौसम पूरी तरह साफ नहीं रहेगा। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार पूर्वी राजस्थान के कुछ जिलों में बादल छाए रहेंगे और कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। वहीं पश्चिमी राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहने का अनुमान है।
मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल राज्य पर कोई मजबूत मानसूनी सिस्टम सक्रिय नहीं है। इसी कारण पिछले कुछ दिनों की तुलना में बारिश की गतिविधियां कमजोर बनी रहेंगी। इसके बावजूद स्थानीय स्तर पर नमी और बादलों के प्रभाव से कुछ इलाकों में दोपहर या शाम के समय हल्की बारिश हो सकती है।
पूर्वी राजस्थान में राहत की फुहारें
जयपुर, दौसा, करौली, भरतपुर, धौलपुर, कोटा, बूंदी, बारां, सवाई माधोपुर और आसपास के क्षेत्रों में दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है। बारिश का दायरा व्यापक नहीं होगा, लेकिन जहां बारिश होगी वहां तापमान में 2 से 3 डिग्री तक गिरावट महसूस की जा सकती है।
पश्चिमी राजस्थान में उमस करेगी परेशान
जोधपुर, जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू सहित पश्चिमी जिलों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने की संभावना है। कहीं-कहीं हल्के बादल छा सकते हैं, लेकिन बारिश की संभावना काफी कम है। दिन में धूप निकलने से उमस लोगों को परेशान कर सकती है।
तापमान में बड़ा बदलाव नहीं
राज्य के अधिकांश शहरों में अधिकतम तापमान 31 से 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। जहां बारिश होगी वहां मौसम अपेक्षाकृत सुहावना रहेगा, जबकि शुष्क क्षेत्रों में उमस बनी रह सकती है। जयपुर में अधिकतम तापमान करीब 31 से 32 डिग्री और न्यूनतम 25 से 26 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।
किसानों के लिए क्या है संकेत?
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार हल्की बारिश खरीफ फसलों के लिए लाभदायक रहेगी, लेकिन यदि मानसून की कमजोरी लंबे समय तक बनी रहती है तो सिंचाई पर निर्भर क्षेत्रों में किसानों की चिंता बढ़ सकती है। फिलहाल खेतों में जलभराव जैसी स्थिति बनने की संभावना नहीं है, जिससे फसलों की देखभाल और कृषि कार्य सामान्य रूप से जारी रह सकेंगे।
अगले कुछ दिनों का ट्रेंड
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 4 अगस्त के बाद भी एक-दो दिन तक मानसून की गतिविधियां सीमित रह सकती हैं। इसके बाद मौसम प्रणाली में बदलाव होने पर कुछ इलाकों में बारिश की गतिविधियां दोबारा बढ़ने के संकेत हैं। फिलहाल राज्यभर में भारी बारिश की संभावना कम है और अधिकांश जिलों में हल्की या छिटपुट बारिश का दौर ही देखने को मिल सकता है।
लोगों के लिए सलाह
मौसम विभाग ने सलाह दी है कि जहां गरज-चमक की संभावना हो वहां खुले मैदान, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखें। वाहन चालकों को फिसलन वाली सड़कों पर सावधानी बरतनी चाहिए। पश्चिमी राजस्थान के लोगों को उमस और गर्मी से बचने के लिए पर्याप्त पानी पीने तथा दोपहर में अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है।
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