ग्वालियर में रिटायर्ड EE से 1.56 लाख की ठगी:  IAS की फर्जी FB ID से भेजी फ्रेंड रिक्वेस्ट, CRPF कमांडेंट का फर्नीचर बेचने का दिया झांसा – Gwalior News

ग्वालियर में रिटायर्ड EE से 1.56 लाख की ठगी: IAS की फर्जी FB ID से भेजी फ्रेंड रिक्वेस्ट, CRPF कमांडेंट का फर्नीचर बेचने का दिया झांसा – Gwalior News

ग्वालियर में रिटायर्ड EE से 1.56 लाख की ठगी:  IAS की फर्जी FB ID से भेजी फ्रेंड रिक्वेस्ट, CRPF कमांडेंट का फर्नीचर बेचने का दिया झांसा – Gwalior News


ग्वालियर में साइबर ठगों ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी पी. नरहरि के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर सिंचाई विभाग के 71 वर्षीय सेवानिवृत्त कार्यपालन यंत्री (EE) से 1 लाख 56 हजार 500 रुपए ठग लिए। ठग ने खुद को आईएएस अधिकारी बताते हुए अपने दोस्त और सीआरपीएफ कमांडेंट का सेकंड हैंड फर्नीचर सस्ते में बेचने का झांसा दिया। फर्नीचर के फोटो भेजकर पहले 95 हजार रुपए और फिर 61 हजार 500 रुपए ट्रांसफर करा लिए। तीसरी बार 88 हजार रुपए मांगने पर पीड़ित को शक हुआ। आईएएस पी. नरहरि से संपर्क करने पर फर्जीवाड़े का पता चला। मुरार थाना पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की तकनीकी जानकारी जुटाना शुरू कर दिया है। फ्रेंड रिक्वेस्ट से शुरू हुआ ठगी का खेल मुरार के कल्पना नगर निवासी मैथिली शरण गुप्ता (71) सिंचाई विभाग में ईई पद से रिटायर्ड हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि 18 सितंबर को उनके पास आईएएस पी. नरहरि के नाम से बनी फेसबुक आईडी से फ्रेंड रिक्वेस्ट आई थी। रिक्वेस्ट एक्सेप्ट करने के बाद बातचीत में कथित आईएएस ने उनका मोबाइल नंबर लिया। इसके बाद उसने सुमित कुमार नाम के व्यक्ति का मोबाइल नंबर भेजा और बताया कि वह उसका दोस्त और सीआरपीएफ में कमांडेंट है। ट्रांसफर होने के कारण वह अपना फर्नीचर बेचना चाहता है। 95 हजार में सौदा, फिर 61,500 रुपए और लिए मैथिली शरण गुप्ता ने सुमित कुमार बने व्यक्ति से बात की। उसने व्हाट्सएप पर फर्नीचर के फोटो भेजे। फर्नीचर पसंद आने पर 95 हजार रुपए में सौदा तय हुआ। पीड़ित ने 21 सितंबर को बताए गए बैंक खाते में 95 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद ठग ने सामान निकालने में तकनीकी दिक्कत होने का बहाना बनाया और 61 हजार 500 रुपए और ट्रांसफर करा लिए। तीसरी बार उसने 88 हजार रुपए और मांगे। इस पर पीड़ित को ठगी का शक हुआ। IAS को फोन किया तो फर्जी ID का पता चला संदेह होने पर मैथिली शरण गुप्ता ने सीधे आईएएस पी. नरहरि से फोन पर संपर्क किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने ऐसी कोई फ्रेंड रिक्वेस्ट नहीं भेजी है और उनके नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाई गई है। इसके बाद पीड़ित को ठगी का पता चला। पोल खुलते ही साइबर ठग ने व्हाट्सएप से फोटो और मैसेज डिलीट कर दिए और बातचीत बंद कर दी। पीड़ित ने मुरार थाना पुलिस में शिकायत की। उनके मुताबिक, थाने और पुलिस अधिकारियों के चक्कर लगाने के बाद मामला दर्ज हुआ। आईएएस अधिकारी ने पुलिस अफसरों को फोन कर घटना की जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस ने केस दर्ज किया। बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की जांच मुरार टीआई मैना पटेल ने बताया कि रिटायर्ड कार्यपालन यंत्री की शिकायत पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। जिन बैंक खातों में रुपए ट्रांसफर किए गए हैं और जिन मोबाइल नंबरों से बातचीत हुई थी, उनकी सीडीआर (CDR) और तकनीकी जानकारी जुटाई जा रही है। आरोपियों को ट्रेस करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

Source link
#गवलयर #म #रटयरड #स #लख #क #ठग #IAS #क #फरज #स #भज #फरड #रकवसट #CRPF #कमडट #क #फरनचर #बचन #क #दय #झस #Gwalior #News

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *