संभागायुक्त द्वारा निर्देश दिए गए हैं कि दूध उत्पादकों को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए। किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए अब माह में तीन …और पढ़ें

HighLights
- इंदौर दुग्ध संघ किसानों की आय बढ़ाने और पारदर्शिता पर दे रहा जोर
- दूध संग्रहण की व्यवस्था को पारदर्शी बनाते हुए एप से मॉनिटरिंग व्यवस्था शुरू की है
- इससे किसानों को परिवहन और समय की परेशानी से राहत मिलेगी
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। जिले में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने और दूध उत्पादक किसानों को अधिक आर्थिक लाभ दिलाने के साथ ही गुणवत्ता सुधार के प्रयास इंदौर दुग्ध संघ कर रहा है। विगत दिनों संभागायुक्त सुदाम खाडे ने बैठक में निर्देशित किया था कि दूध संग्रहण का कार्य गांवों में घर-घर पहुंचकर किया जाए। साथ ही गुणवत्ता और भुगतान व्यवस्था पारदर्शी बनाई जाए। संघ ने सोसायटियों से होने वाले दूध संग्रहण की व्यवस्था को पारदर्शी बनाते हुए एप से मॉनिटरिंग व्यवस्था शुरू की है।
इंदौर सहकारी दुग्ध संघ द्वारा दूध संग्रह व्यवस्था को अधिक प्रभावी और किसान हितैषी बनाया जा रहा है। नई सोसायटियों की स्थापना के साथ ही दुग्ध उत्पादकों से सीधे उनके घर पहुंचकर दूध लेने की योजना भी तैयार हो रही है। इससे किसानों को परिवहन और समय की परेशानी से राहत मिलेगी।
संभागायुक्त द्वारा निर्देश दिए गए हैं कि दूध उत्पादकों को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए। किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए अब माह में तीन बार तीन, 13 और 23 तारीख को भुगतान किया जा रहा है। इससे किसानों को नियमित नकदी प्रवाह मिल रहा है और पशुपालन में निवेश करने में सुविधा हो रही है।
योजना लाभा से बढ़ाई जाए पशुओं की संख्या
जिले के दूध उत्पादकों को दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। दुधारू पशुओं की संख्या बढ़ाने के उद्देश्य से राज्य शासन की डा भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा। इस योजना के तहत किसानों को शासकीय अनुदान और बैंक ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे वे बेहतर नस्ल के पशु खरीदकर दुग्ध उत्पादन बढ़ा सकें।
232 नई दुग्ध समितियां गठित
इंदौर सहकारी दुग्ध संघ द्वारा अब तक 232 नई दुग्ध समितियों का गठन किया जा चुका है, जबकि दूध संग्रहण को बेहतर बनाने के लिए नौ नए मिल्क रूट भी शुरू किए गए हैं। जिले में वर्तमान में 1679 से अधिक मिल्क सोसायटियां संचालित हैं और करीब 42 हजार दूध उत्पादक किसान इससे जुड़े हुए हैं।
ऐप से पहुंचेगी सटिक जानकारी
दूध की गुणवत्ता बनाए रखने और संग्रह प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (एनडीडीबी) द्वारा विकसित मोबाइल आधारित मिल्क टेस्टिंग ऐप को भी लागू किया गया है। यह ऐप दूध की गुणवत्ता से जुड़े महत्वपूर्ण मानकों जैसे फैट, एसएनएफ और अन्य गुणवत्ता पैमानों की तत्काल जांच कर रीडिंग उपलब्ध कराता है।जांच के तुरंत बाद संबंधित जानकारी किसानों और प्लांट स्टाफ के साथ साझा होती है।
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