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चंडीगढ़ के सेक्टर-10 में रिटायर्ड IPS अधिकारी की कोठी में युवती की लाश मिलने के मामले में परिजनों ने हंगामा कर दिया। रविवार को पुलिस शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सेक्टर-16 अस्पताल में ले जा रही थी। इसी दौरान परिवार ने हत्या के आरोप लगाते हुए रोकने की कोशिश की। इसी बात पर पुलिस और परिवार के बीच झड़प हो गई थी। परिजनों ने कहा कि बेटी को मारकर टांग दिया गया। उन्होंने कहा कि युवती की मौत की सूचना उन्हें देरी से दी गई थी। जब वह सेक्टर-10 स्थित कोठी पर पहुंचे तो उन्हें बेटी को देखने भी नहीं दिया गया। इससे पहले ही पुलिस उसकी बॉडी को सेक्टर-16 अस्पताल ले गई थी। जिस कमरे में शव मिला था, वह कमरा भी उन्हें नहीं देखने दिया गया। शनिवार को 18 वर्षीय युवती ताप्ती की कोठी में लाश मिली थी। यह कोठी गुजरात पुलिस विभाग से रिटायर IPS अधिकारी गुरिंदर सिंह की है। मामी ने कहा- भांजी को मार कर टांग दिया
मामी उसमा ने बताया कि मेरी भांजी को मार कर टांगा गया था। मुझे बताया तक नहीं। पुलिस को बुलाकर उसकी लाश उतार दी गई। इसके बाद उसकी बहन को फोन किया। यह नहीं बतायाा कि लड़की मर चुकी है। फोन पर सिर्फ यह कहा कि आप अपनी बहन से आकर मिल लो। फोन पर बात कराने से किया इनकार
बहन ने कहा कि बात करवा दो तो फोन करने वाले ने जवाब दिया कि बात नहीं हो पाएगी। बहन ने कहा कि मुझे छुट्टी नहीं मिल रही है। फिर उसने अपने भाई को बताया। तब जाकर भाई आया। रात 11:30 बजे हुई थी आखिरी बात
राहुल ने कहा कि मेरी बड़ी सिस्टर से रात 11:30 बजे 2 मिनट के लिए बात हुई थी। उसने बताया कि यहां पर काम ज्यादा है और परेशान भी ज्यादा करते हैं। इसके बाद उसने कहा कि सुबह जल्दी उठना है और यह कहकर फोन काट दिया। रात को ही उसका गला काट दिया गया, क्योंकि हमारे पहुंचने से पहले ही वहां पुलिस आ चुकी थी। वहां कुछ पुलिस वाले बैठकर चाय-कॉफी पी रहे थे। हमें बॉडी भी नहीं दिखाई गई और उसे सीधे सेक्टर-16 अस्पताल लेकर आ गए। हमें करीब 1 घंटे बाद फोन किया गया। एक सप्ताह पहले ही शुरू की थी नौकरी
मृतका के बड़े भाई राहुल ने बताया कि बहन पहले गांव हरदोई, उत्तर प्रदेश में रहती थी। वह कुछ दिन पहले ही चंडीगढ़ आई थी। उसने एक सप्ताह पहले ही इस कोठी में नौकरी शुरू की थी। कोठी मालिक की तरफ से उसे 12 हजार रुपए महीने की तनख्वाह देने की बात कही गई थी। भाभी बोली- हमें मिलने तक नहीं दिया
मृतका की भाभी सोनम ने कहा कि हमने उनसे मिलने की कोशिश की, लेकिन वे लोग मिले नहीं और बॉडी भी अस्पताल भेज दी। कोई भी यहां साथ में नहीं आया और कोई भी सुनवाई नहीं हो रही है। पुलिस वाले भी उनके साथ मिले हुए हैं। वे भी कुछ नहीं सुनते और बॉडी को हाथ भी नहीं लगाने दे रहे हैं। कोठी मालिक सामने नहीं आए
परिवार का आरोप है कि बेटी की मौत को 24 घंटे से अधिक का समय हो जाने के बाद भी कोठी मालिकों की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। न ही कोठी का कोई मालिक उनसे मिलने आया है। परिवार का कहना है कि ऐसी स्थिति में कोठी मालिकों की नैतिक जिम्मेदारी थी कि वे परिवार से बातचीत करते।
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