ड्रग्स-सट्टे के मेमो में नाना पटवारी का नाम दर्ज, धोखाधड़ी में रिपोर्ट भी खिलाफ, जीतू पटवारी के भाई के तीन प्रकरणों से जुड़े तार

ड्रग्स-सट्टे के मेमो में नाना पटवारी का नाम दर्ज, धोखाधड़ी में रिपोर्ट भी खिलाफ, जीतू पटवारी के भाई के तीन प्रकरणों से जुड़े तार

कांग्रेस के अध्यक्ष जितेंद्र उर्फ जीतू पटवारी के छोटे भाई कुलभूषण उर्फ नाना पटवारी के खिलाफ तीन प्रकरणों में सीधा नाम जुड़ा है, लेकिन नौ दिन बाद भी पु…और पढ़ें

Publish Date: Fri, 17 Jul 2026 10:49:37 PM (IST)Updated Date: Fri, 17 Jul 2026 10:49:37 PM (IST)

ड्रग्स-सट्टे के मेमो में नाना पटवारी का नाम दर्ज, धोखाधड़ी में रिपोर्ट भी खिलाफ, जीतू पटवारी के भाई के तीन प्रकरणों से जुड़े तार
नाना पटवारी के खिलाफ दस्तावेजी सबूत।

HighLights

  1. ड्रग्स, सट्टा और धोखाधड़ी का त्रिकोण
  2. नाना पटवारी के खिलाफ दस्तावेजी सबूत
  3. सहआरोपित बनाने से बच रही इंदौर पुलिस

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जितेंद्र उर्फ जीतू पटवारी के छोटे भाई कुलभूषण उर्फ नाना पटवारी के खिलाफ तीन प्रकरणों में सीधा नाम जुड़ा है, लेकिन नौ दिन बाद भी पुलिस उसकी गिरफ्तारी नहीं कर पाई है। प्रक्रिया के दौरान पुलिस ने तीन बार पूछताछ की और केस दबाने के लिए जांच वित्तीय लेनदेन की तरफ मोड़ दी।

ड्रग्स केस में सामने आया नाम

उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों नाना पटवारी का इरफान उर्फ गोलू और संजय कौशल ने ड्रग्स (ब्राउन शुगर) में नाम लिया। पुलिस ने पुराने ड्राइवर भुरु बैंड और फैजल को पकड़ा तो उन्होंने भी नाना का जिक्र किया। आरोपितों के मेमोरेंडम में नाम तो दर्ज कर लिया, लेकिन सहआरोपित नहीं बनाया। जबकि अन्य आरोपित अयान और रेहान को भी इसी बयान पर आरोपित बनाया गया है।

ऑनलाइन सट्टे में सीधी संलिप्तता

ऑनलाइन सट्टे के केस में भी नाना पटवारी की सीधी संलिप्तता मिली है। डीसीपी नरेंद्र सिंह रावत खुद मोबाइल में बैटिंग एप और बैंक ट्रांजेक्शन की पुष्टि कर चुके हैं। गुरुवार को संजय कौशल, मनीष जादौन, दिनेश उर्फ लल्ला चौहान और प्रितेश त्रिपाठी को आरोपित बनाया लेकिन नाना के नाम की जगह अन्य कर दिया। गिरफ्तार आरोपित भी नाना को सट्टे की आइडी देना स्वीकार कर चुके हैं।

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धोखाधड़ी के दस्तावेजी सबूत

धोखाधड़ी में तो पुलिस को दस्तावेजी सबूत मिल चुके हैं। पलसीकर कालोनी निवासी पायल साहनी की शिकायत पर पुलिस ने नाना द्वारा तैयार किया अनुबंध पत्र जब्त कर लिया और नाना के खिलाफ कथन भी हो गए। कालोनाइजर सुमित मंत्री ने अनुबंध से इन्कार कर दिया, लेकिन पुलिस नाना को आरोपित न बनाते हुए बैंक खातों की जांच में लगी है। डीसीपी नरेंद्र सिंह रावत के मुताबिक नाना का नाम मेमोरेंडम में तो लिख लिया है। साक्ष्य जुटाने के बाद आगे कार्रवाई की जाएगी।

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