दलित युवक से शादी करने वाली महिला का घरवालों ने अपहरण किया, पुलिस ने ढाई घंटे में ऐसे बचाया

दलित युवक से शादी करने वाली महिला का घरवालों ने अपहरण किया, पुलिस ने ढाई घंटे में ऐसे बचाया

अजीत कुमार और चित्रावल्ली

इमेज स्रोत, UGC

इमेज कैप्शन, चित्रावल्ली और अजीत कुमार

“जब मेरी पत्नी के परिवार वालों ने उसे कार में अगवा करने की कोशिश की, तो मैंने और मेरी मां ने उन्हें रोकने का बहुत प्रयास किया. लेकिन हम उन्हें रोक नहीं पाए. उन्होंने जबरदस्ती मेरी पत्नी को कार में बिठाया और तेज रफ्तार से गाड़ी भगा कर ले गए.”

अजीत कुमार ने ये बात बताई.

यह घटना 4 जुलाई को डिंडीगुल-त्रिची नेशनल हाईवे पर हुई थी.

रविवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें अजीत कुमार की पत्नी चित्रावल्ली को कार में अगवा करने की कोशिश हो रही थी, तो अजीत कुमार और उनकी मांग मां विजयलक्ष्मी उन्हें रोकने की कोशिश कर रहे थे.

दिनदहाड़े घटी यह घटना वायरल वीडियो के जरिए सामने आई.

अजीत कुमार दलित हैं. उन्होंने पिछड़े वर्ग से संबंध रखने वाली चित्रावल्ली से शादी की. चित्रावल्ली के माता-पिता इस शादी के लिए राज़ी नहीं थे.

हालांकि, अपहरण के लगभग ढाई घंटे के भीतर ही पुलिस ने महिला का पता लगा लिया. चित्रावल्ली को बचा लिया गया और उन्हें उनके पति अजीत कुमार के पास वापस भेज दिया गया.

इस घटना में वास्तव में क्या हुआ?

अजीत कुमार

इमेज स्रोत, UGC

इमेज कैप्शन, अजीत कुमार और उनकी मां विजयलक्ष्मी ने चित्रावल्ली को अगवा होने से बचाने की कोशिश की

मनप्पराई के चित्तनाथ गांव के निवासी अजीत कुमार दलित हैं और एक निजी कंपनी में काम करते हैं.

वह पिछले ढाई साल से मुदुक्कूपट्टी गांव की चित्रावल्ली नाम की एक युवती से प्रेम करते थे.

चित्रावल्ली का संबंध अति पिछड़ा वर्ग से है. दोनों की मुलाकात तब हुई जब चित्रावल्ली मनप्पराई में अपनी बहन की दुकान में काम कर रही थीं. बाद में उन्हें प्यार हो गया.

अजीत कुमार ने बीबीसी को बताया, “मुझे पता था कि चित्रावल्ली के घरवाले हमारी शादी को बिल्कुल भी स्वीकार नहीं करेंगे. मुझे उनके घर जाकर उन्हें अपने रिश्ते के बारे में बताने से डर लग रहा था. मुझे डर था कि वे चित्रावल्ली के साथ कुछ बुरा कर देंगे. इसीलिए मैं वहां नहीं गया.”

चित्रावल्ली के परिवार को बिना बताए दोनों ने 25 जून को शादी कर ली. उसी दिन अजीत कुमार और चित्रावल्ली एक साथ मनप्पराई महिला पुलिस स्टेशन पहुंचे.

अजीत कुमार ने कहा कि चित्रावल्ली के माता-पिता को शांतिपूर्वक समझाने का प्रयास किया गया लेकिन चित्रावल्ली के घरवाले शादी को स्वीकार किए बिना पुलिस स्टेशन से चले गए.

उसके बाद चित्रावल्ली पति अजीत कुमार के घर पर ही रहने लगीं.

अजीत कुमार ने कहा, ” एक जुलाई को अपहरण की घटना का वीडियो रिकॉर्ड होने से दो दिन पहले, चित्रावल्ली की बहन के पति मुरुगेसन ने मेरी जाति का हवाला देते हुए मेरा अपमान किया. उन्होंने मुझ पर हमला करने की कोशिश की. उन्होंने पुलिस स्टेशन में मेरे ख़िलाफ़ झूठी शिकायत दर्ज कराई, जिसमें कहा कि मैंने उन्हें धमकी दी थी.”

अजीत कुमार 4 जुलाई को अपनी पत्नी चित्रावल्ली, मां विजयलक्ष्मी और भाई के साथ पूछताछ के लिए मनप्पराई पुलिस स्टेशन गए.

हालांकि उस दिन शिकायत दर्ज कराने वाले मुरुगेसन उपस्थित नहीं हुए. अजीत कुमार ने बताया कि उन्होंने पुलिस स्टेशन को एक पत्र लिखकर अगले दिन वापस आने और जांच में सहयोग करने का वादा किया.

चित्रावल्ली का अपहरण डिंडीगुल-त्रिची नेशनल हाइवे पर उस समय हुआ जब वह एक ऑटो में घर लौट रहे थे.

अजीत कुमार ने अपनी शिकायत में कहा, “हम पुलिस स्टेशन से ऑटो में घर लौट रहे थे. उसी समय मुरुगेसन और उनके छोटे भाई प्रकाश जो कार में आए थे, उन्होंने हमारा ऑटो रोका और जबरदस्ती चित्रावल्ली को कार में बिठा लिया. चित्रावल्ली के बड़े भाई मलाईसामी और छोटे भाई अलगार ने कार के दरवाजे बंद कर दिए और तेज स्पीड से जंगल की ओर गाड़ी भगा ले गए.”

पुलिस ने क्या बताया?

सांकेतिक तस्वीर

इमेज स्रोत, Getty Images

शिकायत में बताया गया कि दूसरी कार में सवार तीन लोगों ने अजीत कुमार को एक तरफ खींच लिया.

वायरल वीडियो में दिखाया गया है कि अजीत कुमार और उनकी मां विजयलक्ष्मी के अपहरण से बचाने के तमाम प्रयासों के बावजूद कार तेजी से आगे बढ़ गई.

अजीत कुमार ने कहा, “उन्होंने मुझ पर और मेरी पत्नी पर हमला किया. उनके पास चाकू थे. मेरी मां और मैंने खूब रोया-धोया, हम कुछ नहीं कर सके. मैंने कार पर ज़ोर से मारा और चिल्लाया, ‘इन्हें छोड़ दो, इन्हें छोड़ दो.’ मेरी मां भी ज़ोर-ज़ोर से चीख रही थी.”

वहां मौजूद कुछ लोगों ने घटना का वीडियो रिकॉर्ड किया और उसे सोशल मीडिया पर साझा किया. इसके बाद अजीत कुमार ने तुरंत पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई.

त्रिची के पुलिस अधीक्षक एसपी डोंगारे प्रवीण उमेश ने बीबीसी को बताया, “यह घटना शनिवार दोपहर करीब 2:30 बजे घटी. जांच के लिए हमारे पास आरोपी मुरुगेसन का मोबाइल नंबर पहले से ही था. हमने उसके नंबर को ट्रैक किया. इसी तरह हमें वह जगह मिली जहां महिला को रखा गया था. हमने ढाई घंटे के भीतर महिला को बचा लिया. महिला फ़िलहाल अपने पति के घर पर है.”

चित्रावल्ली को उसकी दादी के घर में बंधक बनाकर रखा गया था, लेकिन पुलिस ने उसे छुड़ा लिया.

दंपति के वकील आनंदन ने कहा, “चित्रावल्ली के परिवारवाले उसे धमकी दे रहे हैं. वे कह रहे हैं, ‘अजित कुमार को छोड़ दो. नहीं तो हम उसे मार डालेंगे.'”

पुलिस ने इस मामले में शामिल पांच लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें चित्रावल्ली की बहन का पति मुरुगेसन, उसका छोटा भाई प्रकाश, चित्रावल्ली का बड़ा भाई मलाईसामी और उनका छोटा भाई अलगर शामिल हैं.

उनके ख़िलाफ़ एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम, मानव तस्करी, धमकाने और अन्य अपराधों के तहत मामले दर्ज किए गए हैं.

अजीत कुमार ने बताया कि चित्रावल्ली अभी तक इस सदमे और डर से बाहर नहीं निकल पाई है. चित्रावल्ली के परिवार से संपर्क करने के कई प्रयास किए गए, लेकिन वे उपलब्ध नहीं थे.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

Source link
#दलत #यवक #स #शद #करन #वल #महल #क #घरवल #न #अपहरण #कय #पलस #न #ढई #घट #म #ऐस #बचय

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *