देवास पटाखा फैक्ट्री हादसा: अस्पताल में भर्ती 3 मरीजों की हालत गंभीर, नली के जरिए दिया जा रहा पोषण

देवास पटाखा फैक्ट्री हादसा: अस्पताल में भर्ती 3 मरीजों की हालत गंभीर, नली के जरिए दिया जा रहा पोषण

देवास के टोंककलां की पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण हादसे में गंभीर रूप से झुलसे तीन मरीजों का इलाज इंदौर के एमवाय अस्पताल की बर्न यूनिट में किया जा रहा …और पढ़ें

Publish Date: Sat, 16 May 2026 12:41:30 AM (IST)Updated Date: Sat, 16 May 2026 12:53:26 AM (IST)

देवास पटाखा फैक्ट्री हादसा: अस्पताल में भर्ती 3 मरीजों की हालत गंभीर, नली के जरिए दिया जा रहा पोषण
देवास पटाखा फैक्ट्री हादसा।

HighLights

  1. 90 प्रतिशत तक झुलसे मरीजों पर डॉक्टरों की पैनी नजर
  2. एमवाय की बर्न यूनिट में पोषण के लिए पाइप का सहारा
  3. देवास हादसे के घायलों की स्थिति पर प्रशासन की नजर

नईदुनिया प्रतिनिधि, देवास। देवास के टोंककलां की पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण हादसे में गंभीर रूप से झुलसे तीन मरीजों का इलाज इंदौर के एमवाय अस्पताल की बर्न यूनिट में किया जा रहा है। उधर, चार अन्य मरीजों का उपचार चोइथराम अस्पताल में जारी है। एमवाय अस्पताल में भर्ती तीनों मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है। फिलहाल मरीजों को नली के जरिए खाना और पानी देना शुरू कर दिया गया है, ताकि शरीर में जरूरी पोषण बना रहे।

एमवाय अस्पताल में सुविधाओं की स्थिति और उपचार

13 मई को हुए हादसे में गंभीर रूप से झुलसे मरीजों को उपचार के लिए एमवाय अस्पताल लाया गया था, लेकिन यहां बर्न यूनिट में जरूरी सुविधाओं का अभाव देखने को मिला था। डॉक्टरों के अनुसार झुलसे मरीजों की वास्तविक स्थिति का सही आकलन हादसे के 72 घंटे बाद ही किया जा सकता है। फिलहाल मरीजों को नली के जरिए खाना और पानी देना शुरू कर दिया गया है, ताकि शरीर में जरूरी पोषण बना रहे।

मरीजों की स्थिति और विशेषज्ञों की निगरानी

बर्न यूनिट प्रभारी डॉ. सचिन वर्मा ने बताया कि तीनों मरीजों को लगातार निगरानी में रखा गया है। मरीजों की पल्स और बीपी सामान्य बना हुआ है। विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उनका उपचार कर रही है। झुलसे मरीजों में संक्रमण और आंतरिक अंगों पर असर का खतरा ज्यादा रहता है, इसलिए शुरुआती 72 घंटे बेहद अहम माने जाते हैं।

यह भी पढ़ें- ‘लाठियां खाईं, जेल गए, पर संघर्ष नहीं छोड़ा…’, हिंदू नेताओं ने फैसले का किया भव्य स्वागत, प्रमाणों ने सिद्ध किया सच

गंभीर रूप से झुलसे मरीजों के लिए मशीन सपोर्ट

डॉ. वर्मा के अनुसार दो मरीज करीब 90 प्रतिशत तक झुलस चुके हैं। संक्रमण से बचाने के लिए जरूरत पड़ने पर उन्हें विशेष मशीन सपोर्ट पर रखा जा सकता है। हालांकि फिलहाल मरीज बिना वेंटिलेटर सपोर्ट के उपचार ले रहे हैं। हादसे के बाद अस्पताल में परिजनों की आवाजाही बनी हुई है। वहीं, प्रशासन भी उपचार और व्यवस्थाओं पर लगातार नजर बनाए हुए है।

Source link
#दवस #पटख #फकटर #हदस #असपतल #म #भरत #मरज #क #हलत #गभर #नल #क #जरए #दय #ज #रह #पषण

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *