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उमरिया जिले में निजी स्कूलों की मनमानी एक बार फिर सामने आई है। जिला शिक्षा केंद्र द्वारा किताबों, गणवेश, फीस और आरटीई (RTE) के तहत प्रवेश से संबंधित जानकारी मांगे जाने के बावजूद अधिकांश निजी स्कूलों ने निर्धारित समय में जानकारी उपलब्ध नहीं कराई। अब प्रशासन ने ऐसे स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। जिले में निजी स्कूलों द्वारा मनमानी फीस वृद्धि और निर्धारित दुकानों से किताबें-गणवेश खरीदने के दबाव जैसी शिकायतें लगातार मिल रही थीं। इन्हीं शिकायतों के मद्देनजर जिला परियोजना समन्वयक कार्यालय ने सभी निजी स्कूलों से पढ़ाई जाने वाली पुस्तकों, गणवेश, फीस संरचना और आरटीई के तहत दिए गए प्रवेश की विस्तृत जानकारी मांगी थी। कलेक्टर की मंजूरी के बाद कार्रवाई जानकारी मांगे जाने के लगभग दो महीने बाद भी जिले के कुल 190 निजी स्कूलों में से केवल 83 स्कूलों ने ही विवरण प्रस्तुत किया है। शेष 107 स्कूलों ने अभी तक कोई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई है। प्रशासन की सख्ती से निजी स्कूल संचालकों में हड़कंप मच गया है। वहीं अभिभावकों को उम्मीद है कि इस कार्रवाई के बाद फीस, किताबों और गणवेश को लेकर होने वाली मनमानी पर अंकुश लगेगा। जिला परियोजना समन्वयक के.के. डेहरिया ने बताया कि जानकारी उपलब्ध नहीं कराने वाले स्कूलों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। ऐसे स्कूलों पर 50 हजार रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। कलेक्टर के अनुमोदन के बाद जुर्माने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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