नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी के जाति प्रमाण-पत्र विवाद में जांच समिति की सुनवाई पूरी होने से पहले कराई गई मुनादी को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। मामले में मुनादी का आदेश जारी करने वाले अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर प
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मंगलवार को कैबिनेट बैठक के बाद उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह, राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल, गौतम टेटवाल, लखन पटेल और राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की।
मंत्रियों ने सुनवाई पूरी होने से पहले मुनादी कराने के निर्णय पर आपत्ति जताते हुए संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग रखी।
दो सप्ताह में आ सकता है फैसला
सूत्रों के अनुसार, जाति प्रमाण-पत्र मामले की जांच कर रही छानबीन समिति ने 6 जुलाई को सभी पक्षों की सुनवाई पूरी कर ली है। अब समिति अगले दो सप्ताह में अपना निर्णय दे सकती है। माना जा रहा है कि समिति की रिपोर्ट के बाद पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
सरकारी सूत्रों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की प्रशासनिक कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।
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मंत्री प्रतिमा बोलीं- मैं बागरी..मेरे पास 110 साल के दस्तावेज

मध्य प्रदेश की नगरीय प्रशासन राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी की जाति प्रमाणपत्र विवाद मामले में राज्य स्तरीय छानबीन समिति ने सुनवाई की। मंत्री प्रतिमा ने वंशावली से संबंधित दस्तावेज समिति को दिए। उन्होंने कहा कि वह बागरी समाज से हैं, जो प्रदेश में अनुसूचित जाति में शामिल है। जाति साबित करने के लिए गांव में मुनादी कराई गई। अपराधियों जैसा व्यवहार किया गया।पूरी खबर पढ़ें
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