रूस के सैकड़ों बम ग़लती से ‘कब्ज़े वाले यूक्रेनी इलाक़े’ पर कैसे गिर गए?

रूस के सैकड़ों बम ग़लती से ‘कब्ज़े वाले यूक्रेनी इलाक़े’ पर कैसे गिर गए?

रूसी रक्षा मंत्रालय

इमेज स्रोत, RUSSIAN DEFENCE MINISTRY

    • Author, विताली शेवचेंको
    • पदनाम, रूसी विशेषज्ञ
  • प्रकाशित

  • पढ़ने का समय: 6 मिनट

20 अप्रैल 2023 की देर रात एक विस्फ़ोट ने रूस के शहर बेलग्राद को हिला दिया.

घटनास्थल से मिली सीसीटीवी फ़ुटेज में पहले एक तेज़ सीटी जैसी आवाज़ सुनाई देती है, जो किसी जेट इंजन की आवाज़ जैसी लगती है. इसके तुरंत बाद एक ज़ोरदार धमाका होता है.

विस्फ़ोट इतना शक्तिशाली था कि रिहायशी इलाक़े के बीचों-बीच एक गहरा गड्ढा बन गया और एक कार उछलकर पास की एक दुकान की छत पर जा गिरी.

बेलग्राद में हुआ यह विस्फ़ोट उन ठीक से दर्ज घटनाओं में से एक है, जिनमें कथित तौर पर एक रूसी लड़ाकू विमान ने ग़लती से अपने ही इलाक़े पर बम गिरा दिया. संभवतः यह घटना इसलिए ज़्यादा दर्ज हो सकी क्योंकि यह एक बड़े शहर में हुई थी.

खारकीएव में पिछले साल अक्तूबर महीने में ग्लाइड बम गिरने के बाद आग पर काबू पाने की कोशिश करते कर्मी

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, खारकीएव में पिछले साल अक्तूबर महीने में ग्लाइड बम गिरने के बाद आग पर काबू पाने की कोशिश करते कर्मी

हालांकि रिसर्चर्स का दावा है कि इस तरह की सैकड़ों अन्य घटनाएँ भी हुई हैं, जिन्हें रूसी अधिकारी गुप्त रखना चाहते हैं.

स्वतंत्र मीडिया संस्थान एस्ट्रा के अनुमान के अनुसार, फ़रवरी 2022 में यूक्रेन पर रूस के हमले की शुरुआत के बाद से रूसी युद्धक विमान रूस या रूस के क़ब्ज़े वाले यूक्रेनी क्षेत्रों में कम से कम 334 बम ग़लती से गिरा चुके हैं.

एस्ट्रा के मुताबिक़, केवल इस साल अब तक ऐसे कम से कम 26 बम ग़लती से गिराए जा चुके हैं.

एस्ट्रा की प्रधान संपादक अनास्तासिया चुमाकोवा ने बीबीसी को बताया कि ये एक सावधानी से तैयार किया गया अनुमान है, जिसमें केवल वे मामले शामिल किए गए हैं जिनकी पुष्टि आपातकालीन सेवाओं के सूत्रों, प्रत्यक्षदर्शियों या दस्तावेज़ी साक्ष्यों से हुई है.

उनका मानना है कि वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक है.

हाल ही में सामने आई घटनाओं में से एक में रेलवे लाइन पर बम गिरने के बाद एक यात्री ट्रेन पटरी से उतर गई थी. वहीं, एक अन्य घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जब एक बम उसके घर पर गिर गया.

ये दोनों हादसे मई महीने में यूक्रेन की सीमा से लगे रूस के बेलग्राद क्षेत्र से रिपोर्ट किए गए थे.

यूक्रेन के एयर डिफ़ेंस से बचने की कोशिश

इसी सप्ताह कीएव में हुए रूसी हमले की तस्वीर

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, रूस और यूक्रेन के बीच फ़रवरी 2022 में जंग शुरू हुई थी (फ़ाइल फ़ोटो)

रूसी युद्धक विमानों से ग़लती से गिराए गए हथियारों में भारी संख्या ग्लाइड बमों की है. ये हाल ही में विकसित किए गए ऐसे किटों पर आधारित होते हैं, जिनमें खुलने वाले छोटे पंख (विंगलेट) लगे होते हैं. इनकी मदद से बम को अधिक दूरी तक लक्ष्य की ओर भेजा जा सकता है.

इनका मक़सद यह है कि इन्हें रूसी हवाई क्षेत्र के भीतर से ही गिराया जाए, ताकि बमवर्षक विमान यूक्रेन के एयर डिफ़ेंस सिस्टम की सीमा से बाहर रहें.

इसके बाद ये बम हवा में फिसलते हुए (ग्लाइड करते हुए) यूक्रेन में अपने निर्धारित लक्ष्यों तक पहुँच जाते हैं. लेकिन जब इन बमों में लगी ग्लाइड किट के पंख नहीं खुलते, तो वे अपने निर्धारित लक्ष्य तक पहुंचने के बजाय रूस के ही क्षेत्रों में गिर जाते हैं.

स्वतंत्र जांच समूह कॉन्फ्लिक्ट इंटेलिजेंस टीम के प्रमुख रुस्लान लेविएव का मानना है कि इसके पीछे एक संभावित कारण विस्फोटक चार्ज में ख़राबी हो सकती है. ये चार्ज एक स्प्रिंग (कमानी) को सक्रिय करते हैं, जो बदले में बम के पंखों (विंगलेट्स) को खोल देता है.

उन्होंने बीबीसी से कहा, “ऐसी स्थिति में ये बम लंबी दूरी तक ग्लाइड करने वाले हथियार नहीं रह जाते, बल्कि साधारण बम बन जाते हैं, जो केवल सीधे नीचे गिरते हैं.”

300 से अधिक बमों का ग़लती से गिर जाना एक बड़ी संख्या है.

हालांकि, रुस्लान लेविएव का कहना है कि रूस की ओर से इस्तेमाल किए जाने वाले ग्लाइड बमों की कुल संख्या को देखते हुए यह सामान्य है.

उन्होंने कहा, “युद्धों में ऐसा होना सामान्य बात है. कभी-कभी सबसे आधुनिक तकनीक में भी ख़राबी आ जाती है.”

उनके अनुसार, एस्ट्रा की ओर से बताई गई संख्या भी बहुत अधिक नहीं है.

उन्होंने कहा, “उनके अनुमान के मुताबिक़ यह संख्या सालाना लगभग 100 से 200 के बीच है, जबकि रूस हर महीने छह हज़ार से अधिक ऐसे बमों का इस्तेमाल करता है.”

बेलग्राद क्षेत्र में सबसे ज़्यादा हादसे

बेलग्राद के रिहायशी इलाक़े में बम गिरने के बाद हुए नुक़सान की तस्वीर (फ़ाइल फ़ोटो)

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, बेलग्राद के रिहायशी इलाक़े में बम गिरने के बाद हुए नुक़सान की तस्वीर (फ़ाइल फ़ोटो)

बीबीसी रूसी सेवा के डिफ़ेंस और एयरोस्पेस संवाददाता पावेल अक्स्योनोव के अनुसार, रूसी बमवर्षक विमानों की लगातार तैनाती भी इन नाकामियों का एक कारण हो सकती है.

वे कहते हैं, “ऐसी स्थिति में विमानों के रखरखाव का स्तर प्रभावित हो जाता है. सामान्य हालात में युद्ध मिशन से लौटने के बाद विशेषज्ञ कई दिनों तक विमान की जांच-पड़ताल करते हैं. लेकिन जब कोई विमान मिशन से लौटते ही तुरंत अगले मिशन पर भेज दिया जाता है, तो स्थिति बिल्कुल अलग होती है. इससे तकनीकी ख़राबियों की संभावना काफ़ी बढ़ जाती है.”

रिसर्चर्स का कहना है कि अधिकांश दुर्घटनावश बमबारी रूस के बेलग्राद क्षेत्र में होती है. यह क्षेत्र यूक्रेन के औद्योगिक रूप से महत्वपूर्ण खारकीएव इलाक़े से लगा हुआ है.

माना जाता है कि सीमा पार से दागे जाने वाले रूसी ग्लाइड बमों का मुख्य लक्ष्य यही इलाक़ा होता है.

खारकीएव क्षेत्रीय राज्य प्रशासन के प्रमुख ओलेह सिनेहूबोव के टेलीग्राम अकाउंट पर प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, साल 2026 की शुरुआत से 29 जून तक रूस इस क्षेत्र पर 473 ग्लाइड बम हमले कर चुका था.

वास्तविक असर का आकलन मुश्किल

बेलग्राद क्षेत्र में मई 2024 में यूक्रेनी हमले के बाद की तस्वीर

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन, बेलग्राद क्षेत्र में मई 2024 में यूक्रेनी हमले के बाद की तस्वीर, यह इलाक़ा यूक्रेन के खारकीएव के क़रीब है

रूस में ग़लती से होने वाली बमबारी की घटनाओं को अमूमन कभी भी आधिकारिक तौर पर स्वीकार नहीं किया जाता और अधिकारी इस समस्या को दबाने की कोशिश करते हैं.

एस्ट्रा की प्रधान संपादक अनास्तासिया चुमाकोवा के अनुसार, एक घटना में बेलग्राद क्षेत्र के गवर्नर ने ग़लत दावा किया कि नुक़सान यूक्रेन की वजह से हुआ था, जबकि वास्तव में यह एक रूसी बम के गिरने के कारण हुआ था.

चुमाकोवा बताती हैं कि एक अन्य घटना में पुलिस ने वाहन चालकों को उस बम की तस्वीरें लेने से रोक दिया था, जो सड़क के बीचों-बीच गिरा था.

इन घटनाओं पर बनी गोपनीयता के कारण इनके वास्तविक प्रभाव का आकलन करना कठिन है.

रिपोर्टों से पता चलता है कि आर्थिक नुक़सान के अलावा इन घटनाओं में कई नागरिकों की मौत हुई है और अनेक लोग घायल भी हुए हैं.

लेकिन जब तक ग्लाइड बम रूस के हथियारों के भंडार में सबसे प्रभावी और सबसे अधिक इस्तेमाल किए जाने वाले हथियारों में शामिल रहेंगे, तब तक रूस ऐसे मानवीय नुक़सान को यूक्रेन के ख़िलाफ़ जारी युद्ध की एक कीमत के रूप में स्वीकार करता रहेगा.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

Source link
#रस #क #सकड #बम #गलत #स #कबज #वल #यकरन #इलक #पर #कस #गर #गए

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *