बारिश से जटाशंकर मंदिर घुसा झरने का पानी:  बुंदेलखंड के ‘केदारनाथ’ में प्रकृति का अद्भुत श्रृंगार; गोमुख की धार हुई तेज – Chhatarpur (MP) News

बारिश से जटाशंकर मंदिर घुसा झरने का पानी: बुंदेलखंड के ‘केदारनाथ’ में प्रकृति का अद्भुत श्रृंगार; गोमुख की धार हुई तेज – Chhatarpur (MP) News

बारिश से जटाशंकर मंदिर घुसा झरने का पानी:  बुंदेलखंड के ‘केदारनाथ’ में प्रकृति का अद्भुत श्रृंगार; गोमुख की धार हुई तेज – Chhatarpur (MP) News


छतरपुर जिले में गुरुवार को हुई भारी बारिश के कारण श्री जटाशंकर धाम का स्वरूप पूरी तरह बदल गया। बुंदेलखंड के ‘केदारनाथ’ के नाम से प्रसिद्ध इस धाम में पहाड़ियों से झरने उफान पर आ गए और पानी बहकर सीधे मंदिर परिसर तक पहुंच गया। गोमुख की जलधारा भी तेज हो गई, जिससे पूरा क्षेत्र प्राकृतिक सौंदर्य से भर गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की। छतरपुर जिला मुख्यालय से लगभग 55 किलोमीटर और बिजावर तहसील से करीब 15 किलोमीटर दूर स्थित श्री जटाशंकर धाम चारों ओर से पहाड़ियों और हरियाली से घिरा है। बारिश के कारण पहाड़ियों से बहता पानी मंदिर परिसर, गुफा, गोमुख और चौक तक पहुंच गया। पानी का बहाव इतना तेज था कि कुछ समय के लिए श्रद्धालुओं को वहां रुकने में कठिनाई हुई। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जटाशंकर धाम में गोमुख से पूरे वर्ष प्राकृतिक जलधारा बहती रहती है, जिससे भगवान शिव का निरंतर जलाभिषेक होता है। इसी कारण यह मंदिर क्षेत्र के प्रमुख आस्था केंद्रों में से एक है। अमावस्या और सोमवार को यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। मंदिर परिसर में स्थित तीनों कुंड भी वर्षभर जल से भरे रहते हैं। जटाशंकर धाम ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष अरविंद अग्रवाल ने बताया कि इस मौसम की पहली तेज बारिश के बाद धाम का अद्भुत और मनमोहक दृश्य देखने को मिला। उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान जटाशंकर महादेव का प्राकृतिक श्रृंगार होता है, जिसे देखने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि तेज बारिश के दौरान सीढ़ियों और कुंडों के आसपास विशेष सावधानी बरतें, क्योंकि पानी का तेज बहाव और फिसलन दुर्घटना का कारण बन सकती है।

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