
पहाड़ी निवासी संतोष कुमार जैन के पुत्र वरदान जैन ने बताया कि उनके पिता कैंसर से पीड़ित हैं और उन्हें अचानक सांस लेने में तकलीफ होने लगी। सूचना पर 108 संजीवनी एम्बुलेंस पहुंची और मरीज को लेकर रवाना हुई, लेकिन रास्ते में पता चला कि एम्बुलेंस में ऑक्सीजन उपलब्ध ही नहीं है। अंदर पूरी तरह अंधेरा था और गेट भी रस्सी के सहारे बांधा गया था। परिजनों का कहना है कि उन्होंने कर्मचारियों से बायपास पर उतार देने का आग्रह किया ताकि वे निजी वाहन से तत्काल जबलपुर पहुंच सकें, लेकिन कर्मचारियों ने नियमों का हवाला देते हुए मना कर दिया और मरीज को जिला अस्पताल ले आए। परिजनों ने सवाल उठाया कि यदि रास्ते में मरीज की हालत और बिगड़ जाती या कोई अनहोनी हो जाती तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेता।
Source link
#बन #ऑकसजन #वल #एबलस #स #कटन #स #जबलपर #पहचय #कसर #मरज #रसस #स #बध #थ #गट #Ambulance #Negligence #Cancer #Patient #Oxygen


