
वहीं दूसरी बेटी को मणिपाल यूनिवर्सिटी, जयपुर में बीटेक में प्रवेश मिला, जिसका खर्च लगभग 19.56 लाख है। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि परिवार न्यायालय ने बेटियों की उच्च शिक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण खर्चों पर पर्याप्त विचार नहीं किया। पिता के पास पर्याप्त आर्थिक साधन हैं और वह खर्च वहन करने में सक्षम हैं। अदालत ने यह भी कहा कि आयकर रिटर्न वास्तविक आय को पूरी तरह प्रतिबिंबित नहीं करते, इसलिए परिस्थितियों के आधार पर वास्तविक आय का आकलन किया जाना चाहिए।
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