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आने वाले सप्ताह में भीषण गर्मी से कोई राहत मिलने की उम्मीद नहीं है. हालांकि देश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की भी संभावना है.
मौसम विभाग ने अगले 6-7 दिन के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों, मध्य और पूर्वी भारत और प्रायद्वीपीय भारत के कुछ हिस्सों में लू से लेकर भीषण लू की स्थिति बनी रहने की संभावना जताई है.
इसके साथ ही विभाग ने सप्ताह के कई दिन केरल और लक्षद्वीप, तमिलनाडु, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, उत्तर-पूर्व और उससे सटे पूर्वी भारत में छिटपुट भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना भी जताई है.
अगले 2-3 दिनों के दौरान दक्षिण-पश्चिम मानसून के दक्षिण-पूर्वी अरब सागर, कोमोरिन क्षेत्र, दक्षिण-पश्चिम और दक्षिणपूर्वी बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर के शेष भागों और पूर्वी मध्य बंगाल की खाड़ी के कुछ और भागों में आगे बढ़ने की संभावना है.
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि लू (हीट वेव) की स्थिति बनने से मध्यम स्तर के स्वास्थ्य जोखिम हो सकते हैं, खासकर शिशुओं, बुजुर्गों और पुरानी बीमारियों से ग्रसित लोगों के लिए.
इसके साथ ही सलाह दी है कि लंबे समय तक धूप या गर्मी के संपर्क में रहने से बचें. हल्के, हल्के रंग के और ढीले सूती कपड़े पहनें. बाहर निकलते समय अपने सिर को कपड़े, टोपी या छाते से ढककर रखें.
बीते 24 घंटे के दौरान बारिश और लू
पिछले 24 घंटे के दौरान (22 मई, सुबह 8:30 बजे को दर्ज) केरल में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी (11-20 सेमी) और कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा (21 सेमी और उससे ज़्यादा) दर्ज की गई.
असम में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा दर्ज की गई. उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, बिहार, रायलसीमा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु में कुछ स्थानों पर भारी वर्षा (7- 11 सेमी) दर्ज की गई है.
दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के अलग-अलग स्थानों पर ओलावृष्टि हुई. असम और मेघालय तथा दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के अलग-अलग स्थानों पर आंधी-तूफान के साथ तेज/झोंकेदार हवाएं 80–120 किमी/घंटा की रफ्तार से चलीं.
मराठवाड़ा, बिहार, ओडिशा और तमिलनाडु में 50–80 किमी प्रतिघंटा और मध्य महाराष्ट्र, तटीय आंध्र प्रदेश, कच्छ, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब और हरियाणा में 40–50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलीं.
पूर्वी उत्तर प्रदेश और विदर्भ के कुछ हिस्सों में लू से गंभीर लू की स्थिति रही. हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली और हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में लू; पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में और उत्तराखंड, पंजाब, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तटीय आंध्र प्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर लू की स्थिति रही.
पंजाब, उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ के अलग-अलग स्थानों पर गर्म रात (Warm Night) की स्थिति रही.
पिछले 24 घंटों के दौरान दिल्ली में अधिकतम तापमान में लगभग 1°C की कमी और न्यूनतम तापमान में 2–3°C की गिरावट दर्ज की गई है. इस दौरान अधिकतम तापमान 44–45°C और न्यूनतम तापमान 27–29°C के बीच रहा है.
लू चलती रहेगी अभी, जगह सभी
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मौसम विभाग के अनुसार 22 से 28 मई के दौरान उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कुछ/अलग-अलग हिस्सों में लू चलने की बहुत संभावना है, तथा इसी अवधि में पूर्वी उत्तर प्रदेश और पूर्वी मध्य प्रदेश में गंभीर लू की स्थिति रहने की संभावना है.
22 से 28 मई के दौरान पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के कुछ/अलग-अलग हिस्सों में लू चलने की बहुत संभावना है, जबकि 24 से 27 मई के बीच कई/कुछ क्षेत्रों में गंभीर लू की स्थिति भी बन सकती है.
22 से 28 मई के दौरान राजस्थान के कुछ/अलग-अलग हिस्सों में लू चलने की बहुत संभावना है, तथा 24 से 28 मई के दौरान पश्चिमी राजस्थान के कुछ/अलग-अलग हिस्सों में गंभीर लू की स्थिति रह सकती है.
22 से 28 मई के दौरान विदर्भ के अलग-अलग हिस्सों में लू चलने की संभावना है, जबकि 22 से 26 मई के दौरान कुछ स्थानों पर गंभीर लू की स्थिति बन सकती है.
22 से 26 मई के दौरान तटीय आंध्र प्रदेश और यानम में अलग-अलग स्थानों पर लू चलने की संभावना है, तथा 22 से 24 मई के दौरान कुछ स्थानों पर गंभीर लू की स्थिति रह सकती है.
22 से 24 मई के दौरान बिहार में; 22 मई को तमिलनाडु में; 22 से 26 मई के दौरान छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा और तेलंगाना में; तथा 26 से 28 मई के दौरान जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में अलग-अलग स्थानों पर लू चलने की संभावना है.
22 से 26 मई के दौरान गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में तथा 23 मई को तमिलनाडु में गरम और उमस भरा मौसम रहने की संभावना है.
22 से 24 मई के दौरान उत्तर प्रदेश और विदर्भ में; 22 से 26 मई के दौरान ओडिशा में; तथा 22 और 23 मई को तेलंगाना में अलग-अलग स्थानों पर गर्म रात (Warm Night) की स्थिति रहने की बहुत संभावना है.
हीट स्ट्रोक से ऐसे बचें
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मौसम विभाग ने भीषण गर्मी जारी रहने का अनुमान तो जारी किया ही है यह भी बताया है कि बच्चों और बुजुर्गों को ख़ासतौर पर ख़ासतौर पर ध्यान रखने की ज़रूरत है.
मौसम विभाग ने तो कुछ उपाय बताए ही हैं लेकिन डॉक्टर्स की सलाह को भी ध्यान में रखना ज़रूरी है.
दिल्ली के एम्स हॉस्पिटल के डॉक्टर नीरज निश्चल ने बीबीसी हिंदी को बताया है, “जितनी गर्मी बढ़ती है वैसे-वैसे शरीर से पसीना निकलता है. इसकी वजह से शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) होती है. हमारे शरीर का लगभग 60 फ़ीसदी वजन पानी का होता है. शरीर में पानी की कमी होती है तो अन्य ऑर्गेन्स पर इसका असर होता है. इसलिए शरीर हमें प्यास के ज़रिए बताता है कि हमें पानी की ज़रूरत है.
उन्होंने कहा, “पसीने के साथ शरीर का इलेक्ट्रोलाइट (मुख्य रूप से सोडियम) कम होना शुरू होता है. हमें शरीर में पानी के साथ ही इलेक्ट्रोलाइट की भरपाई भी करनी होती है.”
बच्चे, बुज़ुर्ग या बीमार लोगों को हीट स्ट्रोक का ज़्यादा ख़तरा होता है. ऐसे लोगों का ज़्यादा ध्यान रखने की ज़रूरत है. अगर किसी को हीट स्ट्रोक लगे तो फ़ौरन ध्यान देने की ज़रूरत है.”
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.
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