भोपाल के पटाखा मार्केट शिफ्टिंग की फाइल खुली:  भीषण आग लगने से सिस्टम की खुल गई नींद; कारतूस कालाबाजारी के बाद नए नियम – Bhopal News

भोपाल के पटाखा मार्केट शिफ्टिंग की फाइल खुली: भीषण आग लगने से सिस्टम की खुल गई नींद; कारतूस कालाबाजारी के बाद नए नियम – Bhopal News

भोपाल के पटाखा मार्केट शिफ्टिंग की फाइल खुली:  भीषण आग लगने से सिस्टम की खुल गई नींद; कारतूस कालाबाजारी के बाद नए नियम – Bhopal News


भोपाल के बैरागढ़ रोड पर हलालपुर स्थित सोनी पटाखा सेंटर में शुक्रवार तड़के भीषण आग लग गई थी। कुछ घंटे में आग तो बुझ गई, लेकिन सिस्टम की नींद खुल गई है। पटाखा मार्केट शिफ्टिंग की जिला प्रशासन ने फाइल खोल ली है। इधर, शूटर्स को मिलने वाले कारतूस को लेकर भी नए नियम बनाए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, जिला प्रशासन ने दुकानों की स्थिति, लाइसेंस, कोर्ट में लंबित मामलों और स्टे से जुड़ी जानकारी जुटाकर रिपोर्ट तैयार की है। आगजनी के फोटो, वीडियो और सीसीटीवी फुटेज भी एकत्र किए गए हैं। इन्हें अगले सप्ताह हाईकोर्ट में पेश कर स्टे हटाने की मांग की जाएगी, ताकि बाजार को शहर से बाहर शिफ्ट किया जा सके। दुकानों की नप्ती की
प्रशासन ने सभी दुकानों की नाप शुरू करा दी है। जांच में सामने आया कि जिस दुकान में आग लगी, उसका संचालन तय मापदंड से बड़े क्षेत्र में किया जा रहा था। दुकान परिसर में 50 बाई 50 फीट का शेड बना है, जबकि पटाखों के भंडारण और बिक्री वाला हिस्सा 15 बाई 25 फीट पाया गया। यह लाइसेंस में तय 7 बाई 5 फीट के आकार से काफी बड़ा है। बाजार की सभी 15 दुकानों का आकार भी लगभग 15 बाई 25 फीट पाया गया है। इसके आधार पर सभी दुकानों को नोटिस देकर तीन से पांच दिन में जवाब मांगा जाएगा। जिला प्रशासन के अनुसार 15 दुकानों में से सिर्फ 7 के पास वैध लाइसेंस हैं, जबकि 7 दुकानदारों ने शिफ्टिंग के विरोध में कोर्ट से स्टे ले रखा है। इन 14 दुकानों में करीब 210 क्विंटल पटाखों का भंडारण किया गया है। एसडीएम रविशंकर राय ने बताया कि आगे की कार्रवाई की जा रही है। 7 लाख कैश जला
सोनी पटाखा सेंटर के संचालक ने बताया कि आग में 35 लाख के पटाखे और 7 लाख रुपए कैश जल गए। करीब 1 लाख रुपए के आधे जले नोट मिले हैं। शूटर्स को अब एक बार में सिर्फ 500 कारतूस
पिछले साल स्पोर्ट्स कोटे के कारतूसों की कालाबाजारी के खुलासे के बाद भोपाल जिला प्रशासन ने सख्ती कर दी गई है। अब एक बार में एक शूटर को अधिकतम 500 और सालभर में 1000 हजार कारतूस ही जारी किए जाएंगे। इससे अधिक कारतूस की जरूरत पर खेल संचालक से सत्यापन कराना होगा। अनुमति पर ही अतिरिक्त कोटा दिया जाएगा। पहले 15 हजार से 1 लाख कारतूस सालभर में मिलते थे। सूत्र बताते हैं कि जिला प्रशासन ने राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा है, जिसमें शूटरों के कारतूसों के खोखों का रिकॉर्ड रखने के लिए कानून में संशोधन की सिफारिश की गई है। इसमें बताना जरूरी होगा कि कारतूस किस प्रतियोगिता के लिए लिए जा रहे हैं, उनका उपयोग किस शूटिंग रेंज में होगा। स्पोर्ट्स कैटेगरी में दर्ज नेशनल व इंटरनेशनल खिलाड़ियों को भी दो गन के लाइसेंस जारी किए जाएंगे। पहले वे 8 से 10 गन रख सकते थे।

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