![]()
मैहर जिले में जल-जनित और संक्रामक रोगों के संभावित फैलाव को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी बिदिशा मुखर्जी ने हैजा, आंत्रशोध, पेचिस, पीलिया और मस्तिष्क ज्वर जैसी बीमारियों की रोकथाम के लिए मैहर की संपूर्ण राजस्व सीमा को अधिसूचित क्षेत्र घोषित किया है। व्यवस्थाओं की निगरानी और निर्देशों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए गुरुवार को अनुभाग स्तर पर संयुक्त जांच दल गठित किए गए। दल में संबंधित एसडीएम, सीएमएचओ/सिविल सर्जन, तहसीलदार, बीएमओ, सीएमओ, जनपद सीईओ, पीएचई उपयंत्री, खाद्य सुरक्षा अधिकारी और थाना प्रभारी को शामिल किया गया है। खुले और दूषित खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक प्रशासन ने सार्वजनिक स्थानों, होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और बाजारों में खुले, कटे या सड़े-गले फल-सब्जियों, बासी मिठाइयों, खुले पेय पदार्थों और अन्य दूषित खाद्य सामग्री की बिक्री पर तत्काल रोक लगा दी है। जांच के दौरान दूषित खाद्य सामग्री मिलने पर उसे मौके पर ही नष्ट कराया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम सहित अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई होगी। दोषियों पर एक लाख रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। पेयजल टंकियों की सफाई और क्लोरीनीकरण कलेक्टर ने नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल टंकियों की नियमित सफाई और क्लोरीनीकरण कराने के निर्देश दिए हैं। जल स्रोतों में आवश्यकता के अनुसार ब्लीचिंग पाउडर डालने और पेयजल की गुणवत्ता की लगातार निगरानी करने को कहा गया है। नालियों, कचरा प्वाइंट और जल-जमाव वाले स्थानों पर नियमित रूप से रोगाणुनाशक दवाओं का छिड़काव कराया जाएगा। प्रशासन ने संबंधित विभागों को इन क्षेत्रों की लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।
Source link
#महर #म #जलजनत #रग #क #रकथम #क #लए #परशसन #अलरट #दषत #खदय #बकर #पर #परतबध #उललघन #पर #लख #तक #जरमन #Maihar #News

