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यूरोप के कई देश इस समय भीषण गर्मी झेल रहे हैं. इनमें फ़्रांस, इटली और ब्रिटेन भी शामिल हैं.
बीबीसी संवाददाता एलिस डेविस के मुताबिक़, फ़्रांस में बुधवार के मौसम का अनुमान लगाते हुए देश के आधे से ज़्यादा हिस्से में रेड हीट अलर्ट जारी किया गया है. यहां पर मंगलवार को जून का अब तक का सबसे गर्म दिन दर्ज किया गया है. औसत तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस रहा.
इस हीटवेव से अब तक फ़्रांस, स्पेन और इटली सबसे ज़्यादा प्रभावित हुए हैं. फ़्रांस में पिछले गुरुवार से अब तक हीटवेव से जुड़ी घटनाओं में 40 लोगों की मौत हो चुकी है.
कुछ ऐसा ही हाल ब्रिटेन का भी है, जहां पर पश्चिमी इलाक़ों में हज़ारों घरों में बिजली नहीं है. बुधवार को यह हीटवेव पश्चिमी यूरोप के अन्य हिस्सों तक फैलने की आशंका है.
वहीं, नीदरलैंड्स के कुछ हिस्सों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. नीदरलैंड्स और बेल्जियम में शुक्रवार को तापमान सबसे ज़्यादा रहने की संभावना है, जबकि जर्मनी में वीकेंड पर पारा 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है.
आने वाले दिनों में यह हीटवेव पूर्वी यूरोप तक भी फैल सकती है. पोलैंड, क्रोएशिया और हंगरी जैसे देशों में इस हफ़्ते के आख़िर तक गंभीर गर्मी का अलर्ट जारी किया गया है.
फ़्रांस में 40 मौतें, मंत्री बोले- अब हम गर्म देश बन रहे हैं
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फ़्रांस में भीषण गर्मी (लू) से राहत पाने के लिए झीलों, नदियों और नहरों में नहाने गए 40 से अधिक लोगों की डूबने से मौत हो गई है.
फ़्रांसीसी रेडियो से बात करते हुए श्रम मंत्री जान पियर फ़राडो ने कहा, “हम यह जान रहे हैं कि हम अब एक गर्म देश बन गए हैं.”
गर्मी की वजह से फ़्रांस में अब तक की पहली सबसे बड़ी बिजली कटौती हुई है. मंगलवार शाम उत्तर-पश्चिम के फ़िनिस्टर क्षेत्र में ट्रांसफ़ॉर्मर की समस्या के कारण लगभग 68,000 घरों में बिजली चली गई.
मंगलवार को जब तापमान सबसे ज़्यादा रहा, तब दक्षिण-पश्चिम के लांदेस इलाक़े में 44.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.
मेन और लॉयर क्षेत्र में मंगलवार को ब्रेन्योन जंगल में लगी आग बुझाने के लिए 150 से ज़्यादा दमकल कर्मी लगाए गए. अधिकारियों ने बताया कि रातभर की मशक्कत के बाद आग पर क़ाबू पा लिया गया.
इसके अलावा, बुधवार को फ़्रांस में चार और इलाक़ों में रेड अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग मेटियो फ़्रांस ने बताया, अब कुल 58 इलाक़ों में रेड अलर्ट है. जबकि 31 इलाक़ों में ऑरेंज अलर्ट है.
सुबह से ही यहां गर्मी पड़ना शुरू हो जाती है. बुधवार सुबह 5 बजे तक दक्षिण-पश्चिम के ला रोशेल में तापमान 29 डिग्री दर्ज किया गया था. मौसम विभाग ने कहा कि दिन में यहां तापमान 43 डिग्री तक जा सकता है.
शुक्रवार से गर्मी से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है. वीकेंड में तापमान धीरे-धीरे कम होगा. इस बदलाव के साथ तूफ़ान भी आएंगे, जिससे अचानक बाढ़ और ओले गिरने का ख़तरा रहेगा.
इटली में 16 प्रांतों की राजधानी रेड अलर्ट पर
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इटली में अब 16 प्रांतों की राजधानी रेड अलर्ट पर हैं. बुधवार को रेड अलर्ट वाले शहरों की सूची और लंबी हो गई है. सबसे ज़्यादा गर्मी देश के बीचों-बीच और उत्तरी हिस्सों में है.
इस हफ़्ते तापमान बढ़ने पर सरकार ने फिर से वे नियम लागू किए हैं, जो उन कामगारों की मदद करते हैं जिन्हें सबसे ज़्यादा गर्मी झेलनी पड़ती है. जैसे- बाहर काम करने वाले किसान और मज़दूर या फिर अंदर काम करने वाले लोग जिनके पास हवा का ठीक इंतज़ाम नहीं है.
बहुत ज़्यादा गर्मी की वजह से कई व्यवसाय बंद करने पड़ सकते हैं या व्यवसायिक गतिविधियां कम करनी पड़ सकती हैं. फिर कर्मचारियों को वेतन देने के लिए सरकारी फ़ंड से मदद ले सकते हैं.
इटली के जिन घरों या दफ़्तरों में एसी है, वो उसे चालू रखते हैं और खिड़कियां बंद रखते हैं. जिनके पास एसी नहीं है, उन्हें सलाह दी गई है कि वे एयर कंडीशनर वाले सार्वजनिक स्थानों पर जाएं.
राजधानी रोम समेत अन्य सार्वजनिक जगहों पर बड़े पंखे और पानी के छिड़काव करने वाली मशीनें लगातार चल रही हैं. जो लोग बाहर खाना खाने जाते हैं, उनके लिए स्वास्थ्य मंत्रालय ने सलाह दी है कि वे मांस की जगह पास्ता खाएं और कॉफ़ी या ठंडी बीयर की जगह पानी पिएं.
ट्यूरिन, मिलान, वेनिस, बोलोन्या और फ़्लोरेंस में इमरजेंसी हीटवेव की स्थिति है.

ब्रिटेन के क्या हालात
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भीषण गर्मी की वजह से ब्रिटेन भी प्रभावित हुआ है. यहां पर 1,000 से ज़्यादा स्कूल बंद कर दिए गए हैं या छात्रों की जल्दी छुट्टी की जा रही है.
दक्षिणी इंग्लैंड में बुधवार को तापमान क़रीब 37 डिग्री तक पहुंचने का अनुमान है. लेकिन बीबीसी वेदर के मुताबिक़, तापमान इससे भी ज़्यादा महसूस हो सकता है.
लंदन में काम करने वाले कंस्ट्रक्शन मज़दूर जॉनी कहते हैं कि गर्मी बहुत बुरी है लेकिन काम तो करना ही है.
इंग्लैंड और वेल्स के कुछ हिस्सों में गुरुवार रात तक रेड अलर्ट जारी किया गया था, अब ये दक्षिणी इंग्लैंड के बाक़ी हिस्सों में भी जारी किया गया है.
बीबीसी के लीडर वेदर प्रेज़ेंटर बेन रिच के मुताबिक़, यहां का मौसम विभाग 2021 से हीट अलर्ट जारी कर रहा है. तब से अब तक यह दूसरी बार है जब रेड अलर्ट जारी किया गया है.
पहली बार जुलाई 2022 में रेड अलर्ट जारी हुआ था, जब ब्रिटेन में रिकॉर्ड 40.3 डिग्री तापमान दर्ज हुआ था.
रेड अलर्ट यहां के मौसम विभाग का सबसे गंभीर अलर्ट है, जिसका मतलब है कि लोगों की सेहत पर असर पड़ सकता है. बिजली और यातायात से जुड़ी परेशानी भी झेलनी पड़ सकती है.
स्पेन में हीट रिफ़्यूज़ बनाए गए
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स्पेन भी यूरोप के उन देशों में शामिल है, जहां गर्मी से लोगों का हाल बेहाल है. देश के उत्तर-पूर्वी इलाक़े आरागोन में हीटवेव के दौरान सबसे ज़्यादा तापमान दर्ज किया जा रहा है.
कुछ जगहों पर पारंपरिक त्योहार ‘सान जुआन’ (जॉन द बैपटिस्ट) में अलाव जलाने की रस्म रोक दी गई है, क्योंकि आग लगने का ख़तरा है.
उत्तर के लियोन शहर में आतिशबाज़ी कार्यक्रम भी रद्द कर दिया गया है.
कई शहरों में हीट रिफ़्यूज़ बनाए गए हैं. हीट रिफ़्यूज़ यानी एयर कंडीशनर वाले सार्वजनिक भवन, जहां कोई भी जाकर गर्मी से बच सकता है.
2024 का एक क़ानून स्पेनिश कामगारों को हीटवेव के दौरान सुरक्षा देता है. इसमें कंपनियों को ज़रूरी इंतज़ाम करने होते हैं, जैसे यह सुनिश्चित करना कि बाहर का भारी काम दिन के सबसे गर्म समय में न कराया जाए.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.
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