ये वेस्टर्न कल्चर से इंस्पायर्ड Gen Z है, इसे मैं गटर जनरेशन मानती हूं – कंगना रनौत, Bollywood Hindi News

ये वेस्टर्न कल्चर से इंस्पायर्ड Gen Z है, इसे मैं गटर जनरेशन मानती हूं – कंगना रनौत, Bollywood Hindi News


एक तरफ, Gen Z की तारीफ हाे रही है। लोग उनके रील्स एंजॉय कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ, कंगना रनौत ने इन्हें गटर जनरेशन कहा है। पढ़िए उनका पूरा बयान।

भाजपा सांसद और बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत एक बार फिर अपने बयानों के चलते विवादों के केंद्र में हैं। NEET पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों और सोशल मीडिया पर वायरल हो रही रील्स पर कड़ी आपत्ति जताते हुए उन्होंने जेन-जी (Gen Z) और आज की युवा पीढ़ी पर कड़ा प्रहार किया है।

पढ़िए कंगना रनौत ने क्या लिखा

कंगना रनौत ने लिखा, ‘यह वेस्टर्न कल्चर से इंस्पायर्ड जेनरेशन है, जिसे मैं गटर जेनरेशन मानती हूं। इनमें से कुछ के पास समाज या सिस्टम को देने के लिए कुछ नहीं है। ये पढ़ाई में अच्छी नहीं हैं और इनकी सोच इतनी भ्रष्ट है कि ये होममेकर भी नहीं बन सकतीं।’ उन्होंने आगे कहा, ‘इसके बावजूद ये नशा, शराब और अनगिनत यौन संबंधों को अपनी आजादी मानकर उस पर गर्व करती है। ये बेशर्मी से अपने माता-पिता की कमाई पर पलती हैं और बिना अपने पैरों पर खड़े हुए इंडिपेंडेंट वूमेन की जिंदगी जीने का दिखावा करती है।’

जेन-जी को कहा गटर जनेरशन

कंगना ने आगे लिखा, ‘युवा हिंदू महिलाओं का व्यवहार मुझे सबसे ज्यादा शर्मनाक लगा। बिना मेहनत किए या बिना अपने पैरों पर खड़े हुए, सिर्फ इंडिपेंडेंट दिखने का नाटक करती हैं ये। असली मायनों में इंडिपेंडेंट महिला वो होती है जो अपने जीवन के फैसले खुद लेती है, लीक से हटकर करियर बनाती है और अपने हर कदम की पूरी जिम्मेदारी और जवाबदेही खुद उठाती है।।’ उन्होंने ये भी कहा कि इंडिपेंडेंट लाइफ कमानी पड़ती है और बिना किसी जिम्मेदारी के आजादी से जीने की कोशिश करने वाले लोग सिर्फ ‘गटर छाप’ कहलाते हैं।

वायरल रील्स बनाने वाले स्टूडेंट्स पर साधा निशाना

इससे पहले भी कंगना रनौत ने जंतर-मंतर पर CJP के लीडरशिप में हुए छात्र प्रदर्शनों की वायरल रील्स पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने लिखा था, ‘मैंने अपनी जिंदगी में एक जगह पर इतनी बदसूरती कभी नहीं देखी। जेन-जी प्रोटेस्ट की रील्स देखकर घिन आती है। जिस भाषा और लहजे का वे इस्तेमाल कर रहे हैं, वो बेहद भद्दा है। खुद को ‘कॉकरोच’ कहना और वैसा ही बर्ताव करना सिर्फ दुनिया को अपनी गंदगी दिखाना है। इन रील्स को देखकर मुझे डिजिटल डिटॉक्स की जरूरत महसूस हो रही है।’



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