भारतीय सिनेमा में जब भी किसी बड़ी फिल्म की चर्चा होती है, तो अक्सर उसके सितारों, निर्देशक और बजट पर सबसे ज्यादा ध्यान जाता है। लेकिन कुछ फिल्में ऐसी होती हैं, जिनके पीछे पर्दे के आगे नजर आने वाले चेहरों से कहीं बड़ी कहानी छिपी होती है। निर्देशक नितेश तिवारी की फिल्म ‘रामायण’ भी ऐसी ही एक परियोजना है। रणबीर कपूर, यश, साई पल्लवी और सनी देओल जैसे सितारों से सजी इस फिल्म को बनाने की जिम्मेदारी जिस शख्स ने उठाई है, उनका नाम है नमित मल्होत्रा।
नमित आज सिर्फ एक फिल्म निर्माता नहीं, बल्कि भारतीय मूल के उन कारोबारियों में शामिल हैं, जिन्होंने विजुअल इफेक्ट्स और फिल्म निर्माण की दुनिया में अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाई। उनकी कंपनी ने हॉलीवुड की कई बड़ी फिल्मों पर काम किया और उनके नेतृत्व में DNEG ने विजुअल इफेक्ट्स के लिए आठ ऑस्कर हासिल किए।
इनमें से सात अवॉर्ड पिछले 11 वर्षों में विजुअल इफेक्ट्स के लिए मिले हैं। कंपनी ने क्रिस्टोफर नोलन और डेनिस विलेन्यूवे जैसे हॉलीवुड के बड़े फिल्ममेकर्स के साथ भी काम किया है। लेकिन नमित की कहानी की दिलचस्प बात यह है कि उनका सफर किसी बड़े फिल्म स्टूडियो से नहीं, बल्कि मुंबई में पिता के गैराज में बने एक छोटे से एडिटिंग स्टूडियो से शुरू हुआ था।